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CM योगी के निर्देश के बाद भी तय समय में नहीं पूरा हुआ था पुल, अब लोड टेस्टिंग शुरू

2006 में शुरू हुआ था शिलान्यास, जानिए क्या है कहानी

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Samne Ghat Bridge

Samne Ghat Bridge

वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में गंगा में बने सामने घाट पुल पर लोड टेस्टिंग शुरू हो गयी है। यह वह पुल है, जिसे पूरा करने की तिथि सीएम योगी ने निर्धारित की थी और इसको लेकर बीजेपी के मंत्रियों ने भी कार्यदायी संस्था पर दबाव बनाया था, फिर भी सीएम योगी की तय तिथि तक पुल का निर्माण नहीं हो पाया था। इसको लेकर बीजेपी सरकार की जमकर किरकिरी हुई थी।
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गंगा पर बने राजघाट पुल का अंग्रेजों ने निर्माण कराया था। इसके बाद वाराणसी से रामनगर जाने के लिए विश्व सुंदरी व पीपे के पुल का उपयोग किया जाता है। विश्व सुंदरी पुल से रामनगर की दूरी बढ़ जाती है और पीपे का पुल अब हटा दिया गया है। ऐसे में वाराणसी से रामनगर जाने के लिए सबसे उपयुक्त पीपा का ही पुल साबित होगा। यूपी के तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में वर्ष २००५ में पुल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी और मुलायम सिंह यादव ने ही वर्ष २००६ में रामनगर पुल का शिलान्यास किया था। ९२३.६५ मीटर लंबे पुल की लगात ४५०८.९० लाख रुपये थी, जिसमे देरी के चलते काफी बढ़ोतरी हो चुकी है।
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सीएम योगी ने कहा था किसी हाल में २७ जून तक हो पुल का निर्माण
यूपी की सत्ता संभालने के बाद जब सीएम योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आया था कि सामनेघाट पुल के निर्माण की गति बहुत धीमी है तो उन्होंने सामनेघाट व मंडुआडीअ आरोबी को किसी भी हाल में २७ जून तक पूरा करने को कहा था। सीएम योगी ने इसको लेकर सख्त रुख अपनाया था, फिर भी निर्धारित तिथि तक पुल निर्माण नहीं हुआ।
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लोड टेस्टिंग के बाद जनता के लिए उपलब्ध होगा पुल
सामनेघाट पुल की लोड टेस्टिंग का काम चल रहा है। इसके बाद ही यह पुल जनता के लिए उपलब्ध होगा। टेस्टिंग में अभी ३० टन से अधिक भार की ८ गाडिय़ों के जरिए लोड टेस्ट किया जा रहा है। लोड टेस्टिंग में पुल के पास हो जाने के बाद ही इसका उपयोग शुरू हो पायेगा। इस बात की भी संभावना जतायी जा रही है कि सितम्बर में पीएम मोदी अपने संसदीय क्षेत्र आ सकते हैं और उन्हीं के हाथों पुल का उद्घाटन होगा।
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