
शिवमणि के ड्रम के साथ थिरकते रहे संगीत प्रेमी, तीन कलाकारों ने लगाई पहली हाजिरी
वाराणसी। धर्म की नगरी काशी का विश्व प्रसिद्ध संकटमोचन समारोह इस वर्ष अपने शताब्दी वर्ष में पहुंच गया है। 10 अप्रैल से शुरू हुए इस समारोह की दूसरी निशा विश्व विख्यात ड्रमर शिवमणि, मेंडोलिन वादक यू राजेश की जुगलबंदी और पहली बार हनुमत दरबार में हाजिरी लगा रहे श्रीशा शशांक, तलत और अरमान ने सभी का दिल जीत लिया। शिवमणि के ड्रम की रिदम पर हनुमत दरबार में भक्त झूमते रहे।
8 प्रस्तुतियों ने मोहा मन
संकटमोचन संगीत समारोह के शताब्दी वर्ष की दूरी निशा 8 सुर साधकों ने सजाई। इसमें चेन्नई की श्रीशा शशांक, रामपुर घराने के अरमान खान और गजल गायक तलत अजीज की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। दूसरी निशा के आकर्षण रहे ड्रमर शिवमणि उनकी और यू राजेश की मेंडोलिन पर जुगलबंदी ने सभी का मन मोह लिया।
शंखनाद से शुरू की प्रस्तुति
पिछले कई वर्षों से लगातार संकटमोचन दरबार में हाजिरी लगाने आ रहे चेन्नई के ड्रमर शिवमणि ने अपने जोड़ीदार यू राजेश के साथ ऐसी जुगलबंदी की कि श्रोता झूम उठे। शिवमणि ने अपनी प्रस्तुति शुरू की तो सबसे पहले शंखनाद किया इस दौरान भी मेंडोलिन का द्भुत साथ श्रोताओं को खूब पसंद आया।
कई राज्यों की खास रिदम से जीता दिल
संगीत से लोगों के दिलों में राज करने वाले शिवमणि ने ड्रम पर उंगलियां फिराते हुए केरल, बंगाल, गुजरात और यूपी की खास रिदम पेश की तो श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनदंन किया। कई तरह की ड्रम से आवाज निकलने वाले शिवमणि ने लोगों को मायूस नहीं किया। उनकी फरमाइशें भी पूरी की।
मेंडोलिन का जादू बिखेर गए यू राजेश
शिवमणि के साथ हमेशा की तरह जुगलबंदी के लिए मौजूद यू राजेश ने शिवमणि के तरह ही मेंडोलिन का जादू संकटमोचन के दरबार में फैलाया, जिसे सुनका श्रोता खुद को रोक नहीं पाए और झूम उठे। इन दोनों की प्रस्तुतियों में लगातार शर्ता तालियां बजाते रहे।
श्रीशा शशांक के भरतनाट्यम ने बांधा समां
संकटमोचन संगीत समारोह के 100 वर्षों के इतिहास में पहली बार हनुमत दरबार में हाजिरी लगाने पहुंची चेन्नई की भरतनाट्यम आर्टिस्ट श्रीशा शशांक ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रेष्ठा ने शिव, अम्बा, हनुमान और कृष्ण आधारित नाट्य प्रस्तुर किया। दर्शकों ने इन्हे भी खूब सराहा।
अरमान और तलत अजीज की प्रस्तुति ने छुआ दिल
इस संगीत समारोह में पहली बार पहुंचे युवा कलाकार कोलकाता के अरमान खान की गायकी के लोग कायल दिखे। श्रोताओं ने उनसे कई फरमाइशें की। इसके अलावा उस्ताद तलत अजीज की गजल गायकी ने लोगों काफी देर तक हनुमत दरबार में कहीं गुम कर दिया। जब गजल पूरी हुई तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़हाट से गूंज उठा।
Published on:
12 Apr 2023 09:02 am
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