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Sawan 2023 : ‘चंद्रवंशी गोप समिति’ ने निभाई परंपरा, बाबा विश्वनाथ का गंगा जल से किया अभिषेक

Sawan 2023 : यादव बंधु सिर्फ काशी विश्वनाथ का ही जलाभिषेक नहीं बल्कि अपनी शोभायत्रा श्री गौरी केदारेश्वर से शुरू कर अपने परंपरागत मार्गो से होते हुए बाबा तिलभाण्डेश्वर, शीतला माता, आल्हादेश्वर महादेव के बाद ढुंढिराज गणेश होते हुए बाबा श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे जलाभिषेक करते हैं और यहां से बाबा मृत्युंजय महादेव, त्रिलोचन महादेव, ओम कालेश्वर महादेव, लाटभैरव पर जलाभिषेक कर यात्रा समाप्त करते हैं।

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Sawan 2023

Sawan 2023

Sawan 2023 : सावन के प्रथम सोमवार को चंद्रवंशी गोप समिति के तत्वाधान में यादव बंधुओं ने 90 साल पुरानी परंपरा का निर्वहन किया। चंद्रवंशी गोप समिति ने गौरी केदारेश्वर का जलाभिषेक कर शोभायात्रा शुरू की। यहां से डमरू दल की नाद पर समिति के 21 लोगों ने अध्यक्ष लालजी यादव के नेतृत्व में सीधे बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में पहुंचकर जलाभिषेक किया। इसके अलावा अन्य यादव बंधुओं ने झांकी दर्शन किए और बाहर से ही जलाभिषेक किया। जलाभिषेक कर सभी ने लोक मंगल की कामना की। पूर्व केंद्रीय मंत्री व पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन हंसराज अहीर भी इस दौरान मौजूद रहे।

सावन के प्रथम सोमवार को जलाभिषेक की है मान्यता

सावन के प्रथम सोमवार को यादव बंधुओं द्वारा अकाल से छुटकारे को लेकर साल 1932 में यादव बंधुओं ने काशी के सभी शिवालयों में जल चढ़ाया था और शहर में बारिश हुई थी। यह परंपरा आज तक चल रही है। सोमवार को कलश यात्रा प्रदेश अध्यक्ष लालजी यादव के नेतृत्व में सावन के प्रथम सोमवार को संपन्न किया। यादव बंधुओं ने श्री गौरी केदारेश्वर से हजारों की संख्या में अपना कलश भर जलाभिषेक यात्रा प्रारम्भ किया। अपने परंपरागत मार्गो से होते हुए बाबा तिलभाण्डेश्वर, शीतला माता, आल्हादेश्वर महादेव के बाद ढुंढिराज गणेश होते हुए बाबा श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे और जलाभिषेक किया।

आंखों में सुरमा, साथ में कलश

शहर बनारस और कई अन्य प्रदेशों से आने वाले यादव बंधु अपने परंपरिक गणवेश में थे। धोती और बनियान के साथ आंखों में गहरा सुरमा अलग ही माहौल बना रहा था। यादव बंधुओं के हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा नभ गुंजायमान था। ऐसा लग रहा था कि स्वयं महादेव धरती पर सावन में अवतरित हुए हैं। यादव बंधुओं के विशेष परिधान भी लोगों का ध्यान खींच रहे थे।

कुरीतियों को समाज से करेंगे दूर

जलाभिषेक कलश यात्रा झंडे की पूजा करते हुए पारंपरिक तरीके से शुरू की गई। झंडे को कंधे पर लिए दुर्गा प्रसाद एवं डमरू का संचालन विष्णु यादव कर रहे थे। जगह-जगह पर यादव बंधुओं ने प्रसाद व फलाहार का वितरण किया। यादव बंधुओं के साथ केन्द्रीय मंत्री हंसराज अहीर ने बाबा का जलाभिषेक किया। हमारा देश समृद्ध बनें, उन्नति करें, खुशहाल हो यही हमारी बाबा से मनोकामना की। समिति अध्यक्ष लालजी यादव ने कहा कि कुछ लोग जलाभिषेक के नाम पर राजनीति करने का कार्य कर रहे हैं, हम इसे कत्तई स्वीकार नहीं करते हैं व अपने निजी स्वार्थ के लिये समाज का नाम बेचने का कार्य कर रहे हैं। हम सब इस कुरीतियों को समाज से दूर करेंगे।