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बलात्कारी को बचाने के लिए UP पुलिस के इस अधिकारी ने की शर्मनाक हरकत, थाने बुला कर…

एडीजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी को दिया जांच का आदेश।

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Ajay Chaturvedi

Jul 21, 2017

up police

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वाराणसी.
भदोही जिले के ऊंज थानाध्यक्ष पर एक बलात्कारी को बचाने के लिए रेप पीड़ित को ही प्रताड़ित करने और कोर्ट में बयान गलत बयानी के लिए जो कुछ किया वह समूचे पुलिस महकमे को शर्मशार करने वाला है। हालांकि इसकी जानकारी जब एडीजी वाराणसी महापात्रा को हुई तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। पत्रिका से हुई वार्ता में एडीजी ने बताया कि इस मामले में एसपी भदोही को जांच कर अग्रिम कार्रवाई का निर्देश दिया है।



घटना मुताबिक ऊंज थाना क्षेत्र के एक गांव की है जहां की एक महिला ने वाराणसी जिले के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के रख़ौना गांव निवासी जीवा तिवारी के खिलाफ ऊंज थाना में छह जुलाई को नेोकरी का झांसा देकर तीन वर्ष तक शारीरिक शोषण करने के मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि उस मामले में थानाध्यक्ष बलात्कार के आरोपी को बचाने में जुट गया। आरोप यह भी कि थानाध्यक्ष के संरक्षण में आरोपी बलात्कारी ने रेप पीड़ित को और प्रताडित करने लगा। ऐसे में पीडि़त ने शुक्रवार को एडीजी के समक्ष पेश होकर आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष ऊंज नवीन तिवारी ने मुकदमा लिखने के लिए पांच बार थाने पर बुलाया और अश्लील हरकत भी की। उसके बाद भी मुकदमा दर्ज नही किया। ऐसे में मैंने एसपी भदोही से मिलकर उन्हें प्रार्थना पत्र दिया तब भी थानाध्यक्ष ने तहरीर वदलवाकर मुकदमा दर्ज किया। उसके बाद वह आरोपी के पक्ष में कोर्ट में बयान देने की धमकी देने लगे।



आरोप है कि 15 जुलाई को थानाध्यक्ष ने पीड़ित के घर पर एक चार पहिया वाहन भेजा। वाहन चालक कोर्ट में बयान देने का हवाला देकर पीड़ित को लेकर ज्ञानपुर की ओर चल दिया। चालक ने एक सुनसान स्थान पर गाडी रोकी जंहा बलात्कार का आरोपी अपने एक साथी के साथ गाडी में बैठ गया। बलात्कार के आरोपी ने एक सुनसान स्थान पर ले जाकर पीड़ित की गोद से डेढ़ साल के दुध मुंहें बच्चे को छीनकर उस पर असलहा सटा दिया और धमकी दी कि कोर्ट में बयान नहीं बदलोगी तो बच्चे को मार डालूंगा। उसके बाद वे भयभीत पीड़ित को कोर्ट ले गए जंहा थानाध्यक्ष तिवारी ने एक महिला दरोगा को साथ में लगा कर आरोपी बलात्कारी के पक्ष में बयान करवा दिया। मनमाफिक बयान के बाद ही उसका बच्चा उसे वापस मिला।


इस मामले में पीड़ित व उसके परिजनों ने आज एडीजी से मिलकर प्रार्थना पत्र दिया जिसे एडीजी ने गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का आदेश एसपी भदोही को दिया है।