2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिला मुख्यालय पर गैंगरेप पीडि़ता ने परिवार के साथ खाया विषाक्त पदार्थ, हालत गंभीर

पुलिस पर लगायो गंभीर आरोप, एसएसपी ने कहा कि आरोप बेबुनियाद, मामले को सनसनीखेज बनाने का किया जा रहा प्रयास

2 min read
Google source verification
Dindyal hospital

hospital

वाराणसी. जिला मुख्यालय पर सोमवार को गैंगरेप पीडि़ता ने माता व पिता के साथ विषाक्त पदार्थ खा लिया। तीनों ने जब उल्टी करना शुरू किया तो वहां पर हड़कंमप मच गया। स्थानीय लोगों ने तीनों को तुरंत ही दीनदयाल राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बीएचयू रेफर कर दिया गया है। मौके पर खुद एसएसपी प्रभाकर चौधरी भी पहुंचे और सारे मामले की जानकारी ली। परिवार ने एक पत्र भी छोड़ा है जिसमे उन्होंने कैंट पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी पर हीलाहवाली करने का आरोप लगाया है जबकि पुलिस का कहना है कि पहले ही इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने मामले की जांच में किसी तरह का पक्षपात नहीं किया है।
यह भी पढ़े:-किसानों की आय में होगी वृद्धि, विदेश भेजी गयी पूर्वांचल की सब्जी

कैंट थाना क्षेत्र की निवासी एक नाबालिग युवती ने कुछ दिन पहले फिल्मों में काम दिलाने के बहाने कई लड़कियों के साथ मुंबई ले जाने व गैंगरेप करने का आरोप लगाया था। पीडि़ता अपने माता-पिता के साथ जिला मुख्यालय स्थित एसएसपी कार्यालय परिसर के बाहर पहुंची और तीनों ने जहर खा लिया। इसकी जानकारी मिलते ही वहां पर हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने जब तीनों की स्थिति बिगड़ती देखी तो उसे दीनदयाल राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बीएचयू रेफर किया गया है। परिवार के पास एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिसमे कहा गया कि वह लगातार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सहित बीजेपी मंत्री के यहा पर चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला है। आरोप है कि पुलिस लगातार आरोपियों को बचाने में लगी है। पत्र के अनुसार उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है इसलिए वह जहर खा कर जान दे रहे हैं। मौके पर पहुंचे एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि नाबालिग लड़की व उनके परिजनों ने जहर खाया है। पहले भी लड़की घर से जा चुकी थी जिसमे मुकदमा लिखाया गया था। लड़की ने अपना बयान दिया था और किसी को आरोपित नहीं बताया था इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगायी गयी थी। बीच में एक-दो घटनाएं हुई थी जिसमे पुलिस ने उसे रिकवर किया था। लेकिन कोई बयान नहीं दिया था। जांच की गयी तो एक ब्यायफ्रेंड निकला और पूछताछ की गयी। किसी के भी बयान नहीं देने से फाइनल रिपोर्ट लगायी गयी। इसके बाद एक और मुकदमा लिखा गया। जांच में पता चला कि लड़की मुंबई में थी। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ आरोप लगा था दो पकड़े गये हैं। सारी जांच के बाद एक आरोपी रेलवे में टीटी जमील ने बताया कि दूसरे लोग 5-10 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं नहीं तो मुकदमे में फंसाने। जमील ने मुम्बई में रुकने की व्यवस्था की थी इसलिए गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस मामले में पहले से कार्रवाई की गयी थी। पर्दे के पीछे से कुछ लोग की भूमिका सामने आ रही है ताकि घटना सनसनीखेज बनाया जा सके। अभी लड़की के इलाज पर ध्यान दिया जा रहा है। एसएसपी ने कहा कि जांच में कमी होती तो गिरफ्तारी नहीं होती। यह आरोप सरासर गलत है। तीसरे व्यक्ति की गिर$फतार के लिए गैर जमानती वारंट लिया जा रहा है। प्री प्लान तरीके से सारी घटना को अंजाम दिया गया है। मजिस्ट्रेट के सामने पीडि़ता का बयान हो चुका है उस समय किसी तरह का आरोप नहीं लगा।
यह भी पढ़े:-घना कोहरा के चलते आसमान मेें तीन चक्कर लगा विमान कोलकाता डायवर्ट

Story Loader