
वाराणसी: बाल यौन शोषण के आरोपों से घिरे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने के बाद उनके श्री विद्या पाठ में जश्न का माहौल है। मठ में उपस्थित बटुकों ने हर हर महादेव के उद्घोष से हाई कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया। इसके साथ ही मठ में मिठाइयों का वितरण किया गया और शंकराचार्य की आरती उतारी गई। इस दौरान शंकराचार्य ने कहा कि उन्हें इस मामले में कोर्ट से बोलने से मना किया गया है।
शंकराचार्य ने कहा कि कभी कभी ऐसा लगता है कि कानून एक जाल है जिसे कुछ लोगो ने पकड़ रखा है। वे जब चाहें किसी को भी फंसा दें। कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक पर उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्णय कभी कभी जब आते हैं तो लोगो को ढंढस बांधता है। ऐसा नहीं है कि जो लोग इसे जाल के रूप में उपयोग करते हैं, वे सदा सफल रहते हैं। लेकिन ऐसे फैसले लोगों के मन में न्याय और न्याय की प्रक्रिया के प्रति आस्था भर देते हैं।
शंकराचार्य ने कहा है कि किसी भी लड़ाई से हमने कभी भी इंकार नहीं किया है। सनातन धर्म के विरोधियों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ी हुई है। हमलोग अपना काम कर रहे हैं और वे लोग अपना काम कर रहे हैं। शंकराचार्य ने कहा है कि हम धर्म का कार्य करते चले आ रहे हैं और करते रहेंगे। हम गौ माता के लिए हमेशा लड़ाई लड़ते रहे हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे। शंकराचार्य ने कहा कि इतिहास गवाह है कि सत्य की हमेशा जीत हुई है और सत्य हमेशा हारा है। जिसे विजय चाहिए उसे संकल्प लेना होगा कि वह हमेशा सत्य के साथ खड़ा रहे और उसकी विजय निश्चित होगी।
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को राहत देते हुए उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं हो जाती, तब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। यह आदेश जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ द्वारा दोपहर करीब 3:45 बजे सुनाया गया। कोर्ट के इस फैसले से फिलहाल शंकराचार्य को कानूनी राहत मिल गई है, हालांकि मामले की जांच जारी रहेगी।
Published on:
25 Mar 2026 06:00 pm
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