
शंकराचार्य ने रोती हुई महिला को समझाया, PC- Patrika
वाराणसी : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दो बच्चों का यौन शोषण करने के मामले में कोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट में नाबालिग बच्चों के बंद कमरे में बयान हुए थे। पुलिस ने इस मामले में अब जांच तेज कर दी है। इस दौरान प्रयागराज पुलिस की एक टीम ने हरदोई में पीड़ित परिवार के बयान लिए। वहीं दूसरी टीम वाराणसी पहुंची है। टीम शंकराचार्य से पूछताछ कर सकती है। वहीं जरुरत पड़ने पर गिरफ्तार भी कर सकती है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए अविमुक्तेश्वरानंद ने अधिवक्ताओं के साथ बैठक की। माना जा रहा है कि वह जरुरत पड़ने पर हाईकोर्ट का रूख कर सकते हैं।
उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मैं भाग नहीं रहा हूं। यूपी की जनता को यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है। हम चाहते हैं कि हमारे केस की जांच दूसरे राज्य की पुलिस करे, जहां भाजपा का शासन न हो। किसी और पार्टी की सरकार हो।
इसी दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का आशीर्वाद लेने पहुंची एक महिला भावुक होकर रोने लगी तो शंकराचार्य ने उन्हें समझाते हुए कहा कि, 'रोना तब जब गुरू गड़बड़ निकले।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (Shankaracharya Avimukteshwaranand News) पर नाबालिग बच्चों के यौन शोषण का मुकदमा शनिवार देर रात दर्ज कर लिया गया था। यह आदेश प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने जारी किया था। 13 फरवरी को इस मामले में नाबालिग बच्चों के बयान दर्ज किए गए थे। रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगाया था। केस दर्ज होने के बाद सपा और कांग्रेस पार्टी शंकराचार्य के सपोर्ट में आ गई है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को राजनीतिक पार्टियों द्वारा समर्थन दिए जाने के बाद चंदौली से समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह उनसे मिलने श्री विद्या मठ पहुंचे। उन्होंने कहा कि सिर्फ समाजवादी पार्टी ही नहीं बल्कि काशी का प्रत्येक नागरिक शंकराचार्य के साथ है। जिस तरह के आरोप उनके ऊपर लगाए गए हैं, इससे लोगों के मन में बहुत पीड़ा है। उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और शंकराचार्य जैसा आदेश देंगे हम उसका का पालन करेंगे।
Published on:
23 Feb 2026 08:23 pm
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