
शरद पूर्णिमा
वाराणसी. आश्विन शुक्ल पूर्णिमा को होती है शरद पूर्णिमा। यह पूर्णिमा आज यानी बुधवार 24 अक्टूबर को है। शरद पूर्णिमा से ही हेमंत ऋतु यानी सर्दियों की शुरुआत होती है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा सोलह संपूर्ण कलाओं से युक्त होकर अमृत बरसाते हैं। चंद्रमा से मन धर्म और आध्यात्म का विचार करते हैं, जिस अंक पर चंद्र होता है उसी से राशि का निर्धारण भी होता है। यदि चंद्रमा कुंडली में कहीं से भी राहु या केतु के साथ स्थित है तो यह दोषपूर्ण माना जाता है। लेकिन आज के दिन यानी शरद पूर्णिमा को यह दोष मुक्त करने का अवसर है। ऐसे में कुछ उपाय करके हर राशि के जातक चंद्र दोष से मुक्त हो सकते हैं।
राशि अनुसार चंद्र दोष दूर करने के ये हैं शरद पूर्णिमा के उपाय…
मेष : शहद से भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराएं
वृष : भगवान शिव का इत्र और गंगाजल से जलाभिषेक करें
मिथुन : श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। कुशोदक से भगवान शिव का रुद्राभिषेक
कर्क : कर्क राशि का स्वामी ही चंद्रमा है। चंद्रमा के बीज मंत्र का जप करें
सिंह : श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का पाठ करें। शहद और गंगा जल शिवलिंग पर चढ़ाएं
कन्या : श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। दही और गंगा जल भगवान शिव को अर्पित करें
तुला : श्री विष्णु जी को तुलसी का पत्ता अर्पित करें। श्री सूक्त का पाठ करें
वृश्चिक : वृश्चिक राश के जातक मोती की माला धारण करना एक उपाय है। भगवान शिव का गन्ने के रस से अभिषेक कराएं
धनु : धनु राशि वाले श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें
मकर : चांदी का चंद्रमा शिवलिंग पर अर्पित करें। सुन्दरकाण्ड का पाठ करें
कुंभ : चंद्रमा के बीज मंत्र के साथ साथ शनि के मंत्र का भी जप करें
मीन : फलों के रस से भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराएं। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें
ये जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।
Published on:
24 Oct 2018 03:05 pm
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