
शिव की कचहरी
वाराणसी. श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती ही जा रही है। इस बीच श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के प्रथम चरम का काम पूरा होने के बाद द्वितीय चरण के निर्माण कार्य भी लगभग पूरे होने को हैं। इसके तहत यह तय किया गया है कि अब महाशिवरात्रि से शिव कचहरी भी लगनी शुरू हो जाएगी। फिलहाल शिव कचहरी को धाम में शामिल कर लिया गया है।
श्री काशी विश्वनाथ धाम से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि महाशिवरात्रि तक शिव की कचहरी (शिव सभा) बनकर तैयार हो जाएगी। बाबा की भव्य कचहरी, धाम के चौक के बाईं ओर बनाई जा रही है। निर्माण को लेकर शिव कचहरी से जुड़े महंत परिवार के सदस्य राजू पाठक, कमल मिश्रा, रमेश गिरी ने दो दिन पूर्व मंदिर में मुख्यकार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा से मुलाकात कर शिव कचहरी का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने की मांग की थी। इस पर सीईओ ने उन्हें भरोसा दिलाया कि महाशिवरात्रि से पूर्व बाबा की शिव कचहरी बनकर तैयार हो जाएगी और भक्तों को दर्शन मिलने लगेगा। ऐसे में अब श्री काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के साथ ही शिव कचहरी का भी दर्शन कर सकेंगे और लगा सकेंगे अपने फरियाद की अर्जी।
क्या है शिव कचहरी की मान्यता
मंदिर के महंत बच्चा पाठक और नील कुमार मिश्रा ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में स्थित शिव कचहरी से जुड़ी कई मान्यताएं है। ऐसे लोग जो मुकदमे में फंस जाते हैं वो इस कचहरी में अपनी फरियाद करते है। इससे उनके पक्ष में फैसला आता है। पुराने कचहरी में विभिन्न स्वरूपों में 108 शिवलिंग, पांचों पांडवा, काशी के छप्पन विनायक में 05 विनायक, कपिल मुनि की इकलौती प्रतिमा विराजमान थी। सभी मूर्तियां सुरक्षित रखी गई है। नए शिव कचहरी का निर्माण पूर्ण होते ही सभी विग्रह और शिवलिंग को वैदिक पूजन के साथ पुनः विराजमान कराया जाएगा।
Published on:
12 Feb 2022 01:44 pm
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