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Rafale squadron Shivangi Singh पिता बोले-शिवांगी में बचपन से ही ऊंची उड़ान की ललक थी

खेलते समय फुर्र-फुर्र करती थी और अब फर्राटा भरेगी वाराणसी के फुलवरिया की रहने वाली हैं फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह।

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Shivangi Singh

शिवांगी सिंह

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

एमआर फरीदी

वाराणसी. जेट फाइटर प्लेन राफेल उड़ाने के लिए चुनी गयीं काशी की बेटी शिवांगी सिंह के पिता अपनी बेटी की उपलब्धि पर गदगद हैं। वे कहते हैं यह सुनकर सीना चौड़ा हो जाता है कि मेरी बेटी को देश की पहली महिला राफेल पायलट बनने का मौका मिला है। वह कहते हैं शिवांगी का बचपन से ही ऊंची उड़ान का सपना था। खेलते समय वह हमेशा फुर्र-फुर्र करती थी। इसीलिए उसने पढ़ाई के समय ही एनसीसी एयरविंग ज्वाइन की थी। ताकि आसमान में उडऩे की ललक पूरी हो सके।

बनारस के फुलवरिया स्थित शिवांगी के घर बधाई देने के लिए तांता लगा हुआ है। शिवांगी के पिता कुमारेश्वर सिंह जो पेशे से एक व्यवसायी हैं उन्होंने बताया कि बेटी के सपने को पूरा करने के लिए हमने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। वह जो चाहती थी उसे पूरा करने के लिए सिर्फ साधन जुटाते चले गए। और अंतत: उसने अपना मुकाम हासिल कर लिया। शिवांगी 2017 में पायलट के लिए भारतीय वायु सेना में चुनी गयी। 16 दिसंबर 2017 को हैदराबाद स्थित एयर फोर्स एकेडमी में उसे फाइटर पायलट का तमगा मिला और हैदराबाद में बतौर फ्लाइंग ऑफिसर ज्वाइनिंग किया। 2017 में ही इतिहास रचते हुए शिवांगी सिंह वायु सेना में फाइटर विमान उड़ाने वाली पांच महिला पायलटों में शामिल हुईं थी।

बीएचयू के 7 यूपी एयर एनसीसी में शिवांगी ने कैडेट कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट क्वालिफाई किया था। इसके बाद जुलाई 2016 से हैदराबाद में फाइटर पायलट बनने की ट्रेनिंग शुरू हुई। तब वह यूपी की पहली महिला फाइटर पाइलट थीं। अपनी बहन की उपलब्धि से प्रेरित भाई मयंक सिंह भी आर्मी ज्वाइन करना चाहते हैं। पिता कुमारेश्वर सिंह ने बताया कि एक दिन पहले ही उनकी शिवांगी से बात हुई। वह बहुत खुश है। वह देश की दूसरी बेटियों के लिए नजीर है। मां सीमा सिंह, भाई मयंक, बड़े पिता राजेश्वर सिंह, चचेरे भाई शुभांशु, हिमांशु सभी शिवांगी की उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे।