
सड़क पर दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर विकलांग संदीप
वाराणसी. विकलांग भाई की संपत्ति हड़पने के लिए एक बहन पहले उसके साथ रहने आई। फिर धीरे-धीरे उसकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया। वो संपत्ति जो विकलांग संदीप के दादा-दादी ने इकट्टा की थी। संदीप के पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। पौत्र की संपत्ति हड़पने के गम में संदीप की दादी का पिछले महीने निधन हो गया। उसके बाद बहन बेबी कुमारी ने भाई को घर से निकाल दिया। दोनों पैरों से लाचार संदीप पुलिस के पास गया मगर वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में वो क्षेत्रीय विधायक सौरभ श्रीवास्तव के पास गया। विधायक ने उसकी पूरी बात सुनी और एक पत्र लिख कर संदीप को सिगरा थाने भेजा। मगर फिर से कोई सुनवाई नही हुई। अब संदीप सड़क पर गुजारा करने को मजबूर है। ऐसा संदीप का आरोप है।
दादा-दादी के जुटाए रुपये-पैसे भी हड़पने का आरोप
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि सिगरा थाना क्षेत्र के चंदुवा छित्तुपुर निवासी दोनों पैर से विकलांग संदीप कुमार अपने मानसिक रूप से अस्वस्थ पिता और बुजुर्ग दादा-दादी के साथ रहता रहा। संदीप की तीन बड़ी बहने हैं जिनमें से मंझली बहन बेबी कुमारी अपने पति संजय कुमार के साथ दो महिना पहले संदीप के घर रहने आए, तब संदीप को ये अंदेशा भी नहीं था कि उसकी अपनी बहन उसे बेघर कर देगी। संदीप के विकलांग होने और पिता के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के चलते दादा-दादी ने संदीप के भविष्य के लिए पाई-पाई इकट्ठा किया था। आरोप है कि वो सारी संपत्ति उसकी बहन ने धोखे से हड़प लिया। इसका पता चलने पर संदीप की दादी का पिछले महिने 2 जुन सदमें में इंतकाल हो गया।
दादी के निधन के बाद बहन-बहनोई ने संदीप को किया बेघर
इधर दादी की तेरहवीं बितने के बाद संदीप की बहन और जीजा ने उसे घर से बाहर निकाल दिया। तभी से मजबूर और असहाय संदीप सड़क पर जिंदगी गुजार रहा है। इसकी शिकायत संदीप ने स्थानीय पुलिस चौकी नगर निगम सिगरा से की तो वहां से भी मदद नहीं मिली। इसके बाद संदीप ने क्षेत्रीय विधायक सौरभ श्रीवास्तव से शिकायत की। विधायक ने उसे सिगरा थाने भेजा। लेकिन थाने से उसे दोबारा नगर निगम पुलिस चौकी जाने को कहा गया। लेकिन सुबह से शाम हो गई पर पुलिस से भी की कई मदद नहीं की गई है। ऐसे में एक विकलांग अपने घर के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
Published on:
29 Jul 2022 06:44 pm
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