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माफिया-नक्सली व बाहुबलियों के लिए सोने की खदान है सोनांचल 

अवैध खनन से रोजाना एक लाख से अधिक रुपये गिरते है माफिया सिंडिकेट के खाते में
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Vikas Verma

Sep 13, 2016

sonbhadra and mafia's

sonbhadra and mafia's

वाराणसी. गायत्री प्रजापति व राजकिशोर सिंह की मंत्रीमंडल से छुट्टी के बाद पूर्वांचल के माफिया गिरोह व बाहुबलियों में खलबली मची है। अखिलेश सरकार की सख्ती के चलते सोनभद्र जिले में तैनात अफसरों में भी बेचैनी बढ़ गई है। गायत्री प्रजापति पर गाज गिरने के बाद फिलहाल सोनांचल में अजीब सी खामोशी पसरी है लेकिन यह सन्नाटा कुछ पल का ही है क्योंकि गायत्री प्रजापति पर कार्रवाई का मतलब है कि अब कोई नया सिंडिकेट सोनांचल पर कब्जा करने की तैयारी में है क्योंकि सोनांचल से होने वाली अवैध कमाई की जानकारी यूपी के छुटभैया से लेकर मुख्यमंत्री से लगायत केंद्र में बैठे तमाम मंत्री, विधायकों और उनके सिंडिकेट को है।

सोनांचल के नाम से मशहूर उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला उत्तर प्रदेश के माफिया, बाहुबलियों के साथ ही नक्सलियों के लिए भी सोन की खान वाला जिला है। माफिया के संरक्षण में यहां बेखौफ क्रशर मशीनें चौबीस घंटे गरजती रहती है। सोनांचल का बालू और गिट्टी माफिया व बाहुबलियों के गिरोह का खर्चा-पानी चलाने के साथ ही अन्य जरूरतों को भी पूरा करते हैं। सोनभद्र की खदानों पर पूर्वांचल के माफिया गिरोह का सत्ता के हिसाब से कब्जा चलता रहता है।

सोनभद्र जिले में इस समय माफिया से माननीय बने एमएलसी बृजेश सिंह के जानी दुश्मन माने जाने वाले बीकेडी का सिक्का चलता है। बीकेडी को प्रतिदिन सोनभद्र से लाखों में रकम मिलती है। जरायम की दुनिया के माने तो बीकेडी के भय से ही बृजेश सिंह व उनके विधायक भतीजे सुशील सिंह ने खुद को सोनभद्र से अलग कर लिया था। बीकेडी के सोनभद्र में कदम रखने से पहले कपसेठी हाउस की सोनभद्र जिले में खासी पकड़ थी। सूत्रों की माने तो बीकेडी की सोनभद्र में होने वाली अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा माफिया मुन्ना बजरंगी और बाहुबली विधायक मोख्तार अंसारी तक पहुंचता है और इसकी पूरी जानकारी जांच एजेंसियों के पास है।

बीकेडी के साथ ही पूर्वांचल के एक और बाहुबली पूर्व बसपा एमएलसी विनीत सिंह का दबदबा था। सूत्रों के अनुसार मीरजापुर, सोनभद्र में अवैध बैरियर के जरिए विनीत सिंह का सिंडिकेट भी लाखों रुपये अपनी झोली में भरता था। तीन माह पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लेकर विवादित पोस्टर जारी करना इस बाहुबली पर भारी पड़ गया था। सरकार की नजर टेढ़ी होने पर फास्ट हुई पुलिस ने मीरजापुर से लेकर सोनभद्र और वाराणसी बार्डर पर मौजूद विनीत सिंह के एक दर्जन से अधिक अवैध बैरियर को बंद करा दिया। इन बैरियर पर शुल्क अदा किए बिना सोनभद्र से निकले ट्रक कहीं पार नहीं होते थे।

सोनभद्र की पहाडिय़ां नक्सलियों को देश विरोधी गतिविधियों के लिए संसाधन जुटाने में भी मदद करती है। सोनांचल में कोई भी ठेकेदार, क्रशर मालिक नक्सलियों को उनका हिस्सा दिए बिना एक काम नहीं कर सकता है। जिसने भी नक्सलियों को हिस्सा देने से इंकार किया वह सोनांचल के जंगलों में गुम गया।

सोन बालू और गिट्टी के खनन में माफिया, अफसर और सफेदपोश के गठजोड़ का पता सीबीआई को है। अपनी रिपोर्ट में सीबीआई ने उल्लेख भी किया है जिसके चलते अखिलेश सरकार को यह कदम उठाना पड़ा। अखिलेश यादव ने भले ही यह चुनावी बयार में यह कदम उठाया हो लेकिन उन्हें इस बात का इल्म पहले से था कि उनके मंत्री, विधायक सोनांचल का सोना लूट रहे हैं लेकिन वह आंखें मूंदें थे।