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जिला पंचायत में भ्रष्टाचार का आरोप, सपा का हल्ला बोल, पंचायत अध्यक्ष अपराजिता की बर्खास्तगी की मांग

जिला पंचायत भवन पर विरोध प्रदर्शन में अपर मुख्य अधिकारी पर भी लगा भ्रष्टाचार का आरोप, बरखास्तगी की मांग।

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सपा का हल्ला बोल

सपा का हल्ला बोल

वाराणसी. समाजवादी पार्टी ने भ्रष्टाचार, बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी के खिलाफ चलाए जा रहे हल्ला बोल अभियान के तहत शुक्रवार को कचहरी स्थित जिला पंचायत भवन वाराणसी पर, " जिला पंचायत में व्याप्त घोर भ्रष्टाचार, विकास कार्यों की अनदेखी व जनसमस्याओं की अवहेलना के खिलाफ हल्लाबोला। पार्टीजनों ने इस विरोध प्रदर्शन के बाद एसीएम द्वितीय राम सकल मौर्य को 8 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा।

जिला और महानगर के तत्वावधान में केंद व प्रदेश सरकार के सरकारी विभागों व संस्थाओं पर जनहित में जनसमस्याओं के निवारण के लिए चलाए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन "हल्ला बोल - पोल खोल " के अगले क्रम में आज आठवें दिन समाजवादी पार्टी के जिला और महानगर कार्यकर्ता पहुंचे जिला पंचायत कार्यालय। विरोध प्रदर्शन हल्ला बोल के बाद हुई सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष डॉ0 पीयूष यादव ने कहा कि जिला पंचायत वाराणसी में अपर मुख्य अधिकारी अभियंता एवं अध्यक्ष जिला पंचायत वाराणसी के संरक्षण में टैक्स इंस्पेक्टर जेई से लगायत लिपिक तक आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। जिस पर उत्तर प्रदेश कि पदारूढ़ भाजपा सरकार आंख मूंदी हुई है बल्कि ऐसा प्रतीत हो रहा है की सत्तारूढ़ दल के कुछ लोग इन अधिकारियों तथा कर्मचारियों से सांठगांठ करके खुलेआम भ्रष्टाचार करवा रहे हैं।

महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने कहा कि अपर मुख्य अधिकारी के कार्यालय में एक ठेकेदार द्वारा अपर मुख्य अधिकारी को विभाग द्वारा तय कमीशन की धनराशि को देने एवं उसके कार्य का लंबित भुगतान कर देने के अनुरोध से संबंधित वीडियो पब्लिकली वायरल हुआ है जिसको कई प्रमुख समाचार पत्रों ने प्रमुखता से छापा है, जिला पंचायत के दो टैक्स इंस्पेक्टरों के आपस की बातचीत का ऑडियो भी वायरल हुआ था जिसमें दोनों द्वारा प्रत्येक रसीद बुक के बदले अपर मुख्य अधिकारी को ₹25000 देने की बात कर रहे हैं अतः जिलापंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर , अपर मुख्य अधिकारी व अभियंताओं के नापाक गठजोड़ से उपजीत इस घोर भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर भ्रष्टाचार के आपराधिक मुकदमे कायम किये जाय तथा इनके द्वारा अर्जित कालेधन व चल-अचल संपत्ति को जब्त किया जाय।

वरिष्ठ जिलापंचायत सदस्य संजय मिश्रा ने कहा कि जनपद वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित ईट भट्ठे से लाइसेंस एवं टैक्स से राहत दिलाने के नाम पर प्रति भट्ठा एक लाख रुपये की वसूली कर अपर मुख्य अधिकारी एवं टैक्स इंस्पेक्टर आपस में बंदरबांट करते हैं। इसी तरह व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी लाइसेंस एवं टैक्स की धनराशि माफ करने या छोड़ने के नाम पर अवैध वसूली अपर मुख्य अधिकारी के इशारे पर टैक्स इंस्पेक्टरों द्वारा की जाती है जिसकी कमाई लाखों रुपए प्रति महीने अवैध रूप से बताई जाती है। यह सर्वविदित है कि जिला पंचायत वाराणसी में निर्माण विभाग में 32% कमीशन ठेकेदारों द्वारा विभाग वसूलता है जिसको अध्यक्ष अपर मुख्य अधिकारी अभियंता जूनियर अभियंता एवं कैशियर से लगायत लिपिक तक बंदर बांट होता है।
जिला पंचायत सदस्य अमित सोनकर ने कहा कि दिनांक 21 दिसंबर 2016 को कुल 186 कार्यों पर सैकड़ों करोड़ रुपए का टेंडर स्वीकृत हुआ था जो अध्यक्ष एवं अपर मुख्य अधिकारी के बीच कमीशन को लेकर खींचतान की वजह से काम शुरू ही नहीं हो पाया और अंततः 7 अप्रैल 2018 को उपरोक्त टेंडर को कैंसिल करना पड़ा। जिला पंचायत वाराणसी में जो सबसे नवीनतम टेंडर हुआ है वह माह सितंबर 2016 में हुआ था उसके बाद लगभग 2 साल से जिला पंचायत में कोई भी टेंडर नहीं हुआ है। इसके पीछे अध्यक्ष एवं अपर मुख्य अधिकारी के बीच कमीशन को लेकर आपसी खींचतान है तथा सत्तारूढ़ दल के कुछ विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों का हस्तक्षेप है।

जिला पंचायत सदस्य अखिलेश यादव ने कहा कि मई 2017 से उत्तर प्रदेश सरकार की योजना गड्ढा मुक्ति अभियान के तहत जिला पंचायत में विभागीय वर्क आर्डर के द्वारा लगभग 10 करोड रुपए विभाग से ठेकेदारों के नाम पर निकाले गए हैं जिसके अंदर भी बड़े कमीशन का खेल एवं फर्जी वर्क आर्डर जारी करके रुपये की बंदरबाट की गई। जिला पंचायत सदस्य साधू यादव ने कहा कि अध्यक्ष जिला पंचायत वाराणसी एवं अपर मुख्य अधिकारी की गाड़ी पर लगभग ₹35000 प्रति महीने का डीजल विभाग वहन करता है। जिला पंचायत वाराणसी में लगभग 2500 रुपए प्रतिदिन ऑफिस के चाय पान एवं नाश्ते का खर्च है लेकिन पिछले पौने दो साल से कोई विकास कार्य नही हो रहा है तो फिर जनता की गाढ़ी कमाई के ये रुपये भोग विलासता पर क्यों खर्च किये जा रहे हैं।

धरना, प्रदर्शन एवं सभा में मुख्य रूप से राजेन्द्र त्रिवेदी, प्रदेश सचिव प्रदीप जायसवाल, जिला उपाध्यक्ष हरीश नारायण सिंह, जिला पंचायत सदस्य संजय मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य अरविन्द सिंह रिंकू, महानगर सचिव दीपक यादव लालन, अवनीश यादव विक्की, जिला महासचिव डॉ0 रमेश राजभर, हीरू यादव, महानगर महासचिव जितेन्द्र यादव, अजय नारायण यादव, डॉ0 उमा शंकर सिंह यादव, डॉ0 आनंद प्रकाश तिवारी, आशुतोष सिन्हा, मनोज यादव गोलू, अखिलेश यादव, अमित सोनकर, शीतला यादव, धनंजय यादव, साधु यादव, संतोष पटेल, लाल जी सोनकर, रविन्द्र यादव कालिया, योगिराज, कैलाश विश्वकर्मा, गुड्डू तिवारी, पप्पू पटेल,रमेश यादव, रामलाल यादव, राजेश पटेल, दीपक सिंह, विष्णु शर्मा, सूरज बिन्द, अजय पटेल, अनवर अली, शमशाद अहमद, राजू साहनी, प्रिया राज अग्रवाल, रितिका रानी शुभांगी भारत, दीपक, अनिल सोनी, सुरेश सेठ, अजय नारायण यादव, राकेश सेठ, सलमान चौधरी, सूरज बिंद, राहुल सिंह यादव, जियालाल राजभर, शिवप्रसाद गौतम, विजय कनौजिया टाटा, संकठा प्रसाद प्रजापति, कमलाकांत प्रजापति, रामचंद्र यादव, अमरजीत यादव, होरी लाल गुप्ता, मुकेश यादव मुरली, दिलावर, जावेद अंसारी, प्रिंस जौहर, बंकू यादव, मो0 जीशान, अजय प्रकाश राजू, भीष्म नारायण यादव, यादव, मो0 खुशबुद्दीन, विवेक यादव, अभिषेक विश्वकर्मा, महेश तिवारी, सीमा गुप्ता, सत्य प्रकाश सोनकर, शबानुल मोअज्जम, डब्लू मौर्या, विवेक सिंह अजय फौजी, नन्हे जायसवाल, काशीनाथ गुप्ता, संजय प्रियदर्शी, यशोदा पटेल, संतोष यादव एडवोकेट, डॉ0 आनंद प्रकाश तिवारी, यशोदा पटेल, राहुल यादव, रामचंद्र यादव, गोपाल पांडेय, गणेश यादव, शिव प्रसाद गौतम, अनिल सोनी, विकास यादव, डब्लू मौर्य, विजय बहादुर,बाबूलाल यादव,हृदय गुप्ता आदि सम्मिलित थे। अध्यक्षता डॉ पीयूष यादव ने की और संचालन जिला महासचिव डॉ रमेश राजभर ने तथा महानगर महासचिव जितेन्द्र यादव ने आभार जताया।