अमर सिंह को जब सपा से निकाला गया था तो पार्टी के अन्य क्षत्रिय नेताओं ने सपा का साथ दिया था। राजा भैया, अरविंद सिंह गोप आदि कई ऐसा नेता है जिन्होंने अमर सिंह के जाने के बाद भी क्षत्रिय समाज को सपा से जोड़ा था। इसके चलते अमर सिंह के पार्टी से चले जाने के बाद भी सपा को नुकसान नहीं हुआ था। अमर सिंह भी इस बात को जानते हैं, लेकिन उन्होंने इस प्रकरण को कभी मुद्दा नहीं बनाया था। यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले है और सपा में पहले से मौजूद क्षत्रिय नेताओं को भी चुनाव लडऩे के लिए टिकट चाहिए। ऐसे में क्षत्रिय नेताओं का लग रहा है कि अमर सिंह अपना पुराना बदला ले सकते है और उनका टिकट भी कट सकता है। ऐसे में क्षत्रिय नेताओं को अब राजा भैया पर विश्वास है जो उनकी मदद कर सकते है।