18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जय भवानी के जयघोष से गूंज उठी काशी, महानाट्य ‘जाणता राजा’ का मंचन शुरू

छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य का मंगलवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एम्फीथियेटर खेल मैदान में भव्य शुभारंभ हुआ। इस महानाट्य का शुभारंभ सिक्किम के राज्यपाल डॉ लक्ष्मण आचार्य ने किया। इस दौरान महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति जी महाराज और केंद्रीय मंत्री महेन्द्रनाथ पांडेय भी मौजूद रहे। महानाट्य के मंचन के पहले भगवती स्वरूप मां तुलजा भवानी की भव्य आरती के दौरान जय भवानी हर हर महादेव के जय घोष से समूची काशी गूंज उठी।

2 min read
Google source verification
Staging of the great drama Janata Raja started in Kashi

काशी में शुरू हुआ महानाट्य जाणता राजा का मंचन

वाराणसी। महादेव की नगरी काशी में मंगलवार को जय भवानी का जयघोष गुंजायमान रहा। मौका था काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के एम्फीथियेटर मैदान पर मराठी के लेखक बलवंत मोरेश्वर पुरंदरे द्वारा रचित महानाट्य जाणता राजा के मंचन का, जो मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे से शुरू हुआ। इस महानाट्य में छत्रपति शिवाजी महाराज की जीवनी को दर्शाया गया है जिसमें हाथी, घोड़ा, ऊंट और बैलगाड़ी का इस्तेमाल किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार मंगलाचरण के बीच मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के बाद किया गया। काशी विश्वनाथ मंदिर धाम मुख्य अर्चक श्रीकांत मिश्रा और वेंकटरमन त्रिपाठी ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।

श्रीरामचरित मानस की तरह ही यह जन जन के मन को छुएगा

इस दौरान मौजूद अतिथि सिद्ध पीठ हथियामठ पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति जी महाराज ने कहा कि महानाट्य जाणता राजा देखने के बाद जन जन के मन को शिवाजी का चरित्र वैसे ही छुएगा जैसे श्रीरामचरित मानस पढ़ने के बाद भगवान् राम कण-कण में दिखाई देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हिंदू समाज भगवान राम और शिवाजी के हिंदवी साम्राज्य से प्रेरणा लेकर गर्व से कह रहा है हम हिंदू हैं। हम राम के अनुयायी हैं और हम भारत के पुजारी हैं। 350 वर्षों बाद छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन का प्रत्यक्ष सरोकार जाणता राजा महानाट्य के माध्यम से हो रहा है। राष्ट्र गौरव शिवाजी महाराज की चरित्र की छटां चहुंओर विराजमान हो रही है। जाणता राजा महानाट्य उद्घाटन सत्र में प्रज्वलित दीप से समूचा विश्व प्रकाशमान होगा।

काशी के पुरोहितों ने दिया था जाणता राजा नाम

सिक्किम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने उद्घाटन सत्र के अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि यह महानाट्य भारतीय संस्कृति की उद्घोष करने वाला है। हिंदवी साम्राज्य की स्थापना के 350 वर्ष पूर्ण और स्वतंत्रता के अमृतकाल के अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य देश को एक राष्ट्र बनाने की सोच को साकार करने में सहायक होगा। काशी के पुरोहितों ने ही शिवाजी महाराज को तिलक लगाकर जाणता राजा यानी बुद्धिमान राजा से सुशोभित किया था।