
Farmer School: मोटे अनाज (मिलेट्स) यानी दलहन और तिलहन की खेती के लिए योगी सरकार प्रदेश की 27 हजार ग्राम पंचायतों में किसान पाठशाला (द मिलियन फार्मर्स स्कूल) लगाएगी। इसमें 17 हजार पंचायतों में किसानों को गुर सिखाएं जाएंगे। 27 हजार ग्राम पंचायतों में लगने वाली किसान पाठशाला (द मिलियन फार्मर्स स्कूल) में 17 हजार पंचायतों में किसानों को मिलेट्स, छह हजार में तिलहन और चार हजार ग्राम पंचायतों में दलहनी फसलों की बुआई, सिंचाई और कटाई की नवीनतम तकनीकें, खाद और कीटनाशक के प्रयोग के गुर सिखाए जाएंगे। साथ ही उन्हें उपज के लिए बाजार तलाशने (मार्केटिंग) और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के तरीके भी बताए जाएंगे।
साल 2023 को मिलेट्स ईयर घोषित किया गया
साल 2023 को मिलेट्स ईयर घोषित किया गया है। ज्वार, बाजरा, कोदो, रागी व सांवा की खेती का रकबा घटने से प्रदेश सरकार इस बार ‘सरकार किसान के द्वार’ अभियान के तहत मोटे अनाजों (श्री अन्न) की खेती को प्रोत्साहन दे रही है। कीटनाशक रहित खेती में न्यूनतम खाद का प्रयोग होता है।
किसान पाठशाला के लिए पहले राज्य स्तर पर वर्चुअली कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों को बतौर मास्टर ट्रेनर ट्रेंड किया जाएगा। फिर मास्टर ट्रेनर प्रदेश के लगभग 8000 प्राविधिक सहायक, ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर और असि. टेक्नोलॉजी मैनेजर को प्रशिक्षित करेंगे।
किसानों को प्रोत्साहित करने को निशुल्क दे रहे बीज
वाराणसी जिले में 2.50 लाख से ज्यादा किसान हैं। जिला कृषि अफसर संगम सिंह मौर्य ने बताया कि वाराणसी में सिर्फ ज्वार-बाजरे की खेती होती है, इस बार किसानों को इनके साथ रागी, सांवा और कोदो की खेती करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इनमें मिनरल, प्रोटीन व विटामिन की प्रचुरता होती है। जिससे सेहत दुरुस्त रहती है। कृषकों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें रागी, सांवा और कोदो के बीजों के मिनी किट निशुल्क दिए गए हैं।
Published on:
02 Jul 2023 03:09 pm

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