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वाराणसी। गंगा में सैर के लिए रोजाना हजारों सैलानी काशी आते हैं और गंगा में नौका विहार करते हैं। उनकी सुविधा के लिए जहां सैकड़ों नाव है तो तीन सरकारी क्रूज भी गंगा की लहरों पर मौजूद हैं। इसी बेड़े में देव दीपावली से काशी में निर्मित स्वदेशी बजड़ा भी गंगा की लहरों पर दिखाई देगा। अलकनंदा क्रूज से बड़ा यह डबल डेकर बजड़ा पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर तैयार किया गया है। गुरूवार को इसका अस्सी से नमो घाट तक सफल ट्रायल किया गया।
पर्यटकों को सैर कराएगा श्रीविश्वनाथम
इस बजड़े के प्रबंधन से जुड़े अजय सहानी ने बताया कि अलकनंदा क्रूज जब गंगा की लहरों पर उतरा तो उसी समय एक ऐसा ही बज्दा बनवाने की सोची और उसकी कवायद में जुट गया। कई सारी परमिशन के बाद पिछले तीन महीने से अस्सी घाट पर स्वदेशी तकनीक से इस आकर दिया गया है। गुरुवार को इसका सफल ट्रायल भी गंगा की लहरों पर किया गया है। उन्होंने बताया कि यह बजड़ा मोदी जी के लोकल फॉर वोकल से प्रेरित है।
अलकनंदा से पांच फिट बड़ा है बजड़ा
अजय ने बताया की अलकनंदा की ख़ूबसूरती को देखते हुए इस बजड़े को भी वैसा ही शेप देने की कोशिश की गई है। यह बजड़ा अलकनंदा से 5 फीट बड़ा है। उन्होंने बताया कि तीन महीने का समय लगा है और 120 लोगों को इसमें बैठाया जा सकता है। इसकी कुल लागत 80 लाख रुपए के करीब आई है। अलकनंदा क्रूज की लंबाई 75 फीट है जबकि श्रीविश्वनाथम की लंबाई 80 फीट और चौड़ाई 20 फीट है।
ऑनलाइन बुकिंग जल्द
प्रबंधक अजय सहानी ने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि देव दीपावली को यह वातानुकूलित बजड़ा सैलानियों को गंगा में भव्य देव दीपावली का दीदार कराए। इसका संचालन सुबह और शाम दो समय होगा। सुबह सुबह-ए-बनारस और गंगा आरती के बाद बजड़े का संचालन होगा। बुकिंग के लिए वेबसाइट भी तैयार कराई जा रही है। पर्यटक ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग करा सकते हैं।
Updated on:
19 Oct 2023 08:41 pm
Published on:
19 Oct 2023 08:33 pm
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