वाराणसी. स्वामी अग्निवेशन गुरुवार को बनारस पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत को आड़े हाथ लिया। स्वामी अग्निवेश ने पीएम और आरएसएस प्रमुख को खुली चुनौती दी कि अगर दम है तो विद्वानों की नगरी काशी आ कर विद्वतजन और मीडिया के सामने बहस करें। बंद कमरे में कैसी बहस जो हो सबके सामने हो। कहा कि काशी तो शास्त्रार्थ के लिए जानी जाती है।
स्वामी ने मॉब लिंचिंग के लिए भाजपा और आरएसएस को ठहराया जिम्मेदार
जम कर हमला किया। मॉब लिचिंग की घटना के लिए भाजपा और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि इनके कार्यकर्ताओं ने मुझ पर भी एक नहीं दो-दो बार हमला किया। उन्होंने कहा कि पहले झारखंड फिर पिछले दिनों जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद भाजपा मुख्यालय में उन्हें श्रद्धांजलि देने जा रहा था तब भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुझ पर हमला किया। मेरे कपड़े तक फाड़ डाले। यह घटना जब हुई तब प्रधानमंत्री खुद भाजपा मुख्यालय में थे लेकिन उन्होंने मुझ पर हुए हमले की निंदा तक नहीं की। भाजपा और आरएसस के किसी नेता ने अब तक मुझ पर हुए हमले की निंदा नहीं की। ऐसे में यह तो साबित करता है कि यह सब सोची समझी साजिश का हिस्सा था। ये सब बीजेपी और आरएसएस के लोग ही करा रहे थे। सब कुछ प्रायोजित था।
अटल जी मेरे मित्र थे, मैं उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाना चाहता हूं
मीडिया से मुखातिब स्वामी अग्निवेश ने कहा कि 17 जुलाई को झारखंड में जिस तरह से मुझ पर हमला किया गया। उसके अगले दिन ही यानी 18 जुलाई को वहां के एक मंत्री का बयान आया कि स्वामी अग्निवेश फ्रॉड है, उसने खुद ही अपने ऊपर हमला कराया होगा। स्वामी ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बड़ी-बड़ी बात करते हैं लेकिन एक स्वामी पर हमले की निंदा संबंधी एक भी बयान नहीं आया। कहा कि झारखंड में लाखों आदिवासियों जमीन छीनी जा रही है, वो जमीनें पूंजीपतियों को दी जा रही हैं। मैं वहां उसका विरोध करने गया था। उन्होंने कहा कि मैं तो महर्षि दयानंद, कबीर और रैदास से प्रेरणा लेकर पिछले 50 साल से दबे-कुचले लोगों की आवाज बन कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने का प्रयास कर रहा हूं। सवाल किया कि क्या मेरा ऐसा करना गलत है। क्या ये हिंदू धर्म के खिलाफ है। कहा कि 17 जुलाई से 17 सितंबर बीत गया अब तक एक भी हमलावर पकड़ा नहीं गया। कहा कि अटल जी मेरे मित्र रहे, मेरी सोच है कि उनकी विरासत को आगे बढ़ा जाय।
एकलाख, फैलू खां, जुमैद, रैबर खां पर हमले भाजपा-संघ द्वारा प्रायोजित
स्वामी अग्निवेश ने कहा कि मेरे अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी न जाने कितनी घटनाएं हुईं मॉब लिंचिंग की। एकलाख, फैलू खां, जुमैद, रैबर खां पर हुए हमले भी मॉब लिंचिंग का ही हिस्सा हैं। इनमें से किसी पर हुए हमले के आरोपियों को अब तक सजा नहीं हुई. सजा तो दूर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कारण साफ है देश भर में तो भाजपा की ही सरकार है। फिर जब वो ही ये हमले करवा रहे तो अपने लोगों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों करने जाएं भला।
हिंदू धर्म को आतंकवाद में तब्दील करने में जुटे हैं ये लोग
उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग हिंदू धर्म को आतंकवाद में तब्दील करने में जुटे है। उधर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भारत के भविष्य पर परिचर्चा कर रहे हैं। उन्होने सवाल किया कि क्या है भारत का भविष्य, यह सवाल मैं नहीं देश पूछ रहा है। कहा कि अरे पूरा देश जाति, हिंसा, सांप्रदायिकता से जूझ रहा है। घुटन महसूस कर रहा है। दिल्ली में भगवत ने परिचर्चा रखी तो देश के सारे नामचीन लोगों को बुलाया पर गया कोई नही तो अपनों के साथ ही बैठ कर अपनी बातें कर लीं। अरे विचार ही करना था तो विचार करते कि चार साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो युवाओं और छात्रों से हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था उसका क्या हुआ?’ परिचर्चा करते कि किसानों से जो वादा प्रधानमंत्री ने किया था वो क्या पूरा हुआ? किसान क्यों रोज आत्महत्या कर रहा है? अरे किसान तो हिंदू भी है और आप तो हिंदुओं के ठेकेदार हो। फिर किसानों के साथ ज्यादती क्यों? वो देश के 50 करोड़ मजदूर जिन्हें मजूरी नहीं मिल रही, बंधुआ मजदूर की तरह काम कर रहे हैं, उनकी चर्चा क्यों नहीं की। भारत में विकास के नाम पर चंद अमीरों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। अमीर को और अमीर तथा गरीब को और गरीब बनाया जा रहा है, इस पर चर्चा क्यों नहीं की?
नोटबंदी को मनीलांड्रिंग बना दिया
स्वामी अग्निवेश ने कहा कि इस मोदी सरकार ने नोटबंदी के नाम पर मनी लांड्रिंग की। जीएसटी के नाम पर व्यापारियों को बर्बाद कर दिया। इस मुद्दे पर चर्चा क्यों नहीं की। देश में जो केवल झूठ को फैलाया जा रहा है उस पर चर्चा क्यों नहीं की? कहा कि सबका साथ, सबका विकास की बात करते हैं पर वो दिखता नहीं, इस पर चर्चा क्यों नहीं की?
सर्जिकल स्ट्राइक को फर्जीकल स्ट्राइक में बदल दिया
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक किया, पाकिस्तान में घुस कर उनके ठिकानों को नेस्त नाबूत करने, आतंकियों को मार गिराने के बाद कहा कि अब हमले नहीं होंगे। लेकिन हाल यह है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सैनिकों पर हमले और बढ़े हैं। अरे इन्होंने तो सर्जिकल स्ट्राइक को फर्जीकल स्ट्राइक में बदल डाला।
वाराणसी में मंदिर तोड़े जा रहे
ये हिंदुओं के ठेकेदार बनते हैं और हाल यह कि मंदिरों के शहर वाराणसी में मंदिर तोड़े जा रहे हैं। आवाज उठाने वालों पर जुल्म ढाया जा रहा है। देशद्रोही और आतंकवादी बताया जा रहा है।
मोदी, भागवत विद्वानों की नगरी में काशी में आ कर करें बहस
उन्होंने कहा कि काशी वो स्थल है जहां महर्षि दयानंद ने शास्त्रार्थ किया था, बड़ा शार्त्रार्थ। यह कबीर और रैदास की नगरी है। मैं दयानंद का शिष्य, आर्यसमाजी हूं उन्हीं की प्रेराणा से दीन दुखियों की सेवा में लगा हूं। ईमानदारी से काम कर रहा हूं। एक सवाल के जवाब में स्वामी अग्निवेश ने कहा कि दयानंद, कबीर और रैदास के जमान में मॉब लिचिंग नहीं थी सो उनके विचार दूर दूर तक गए। अब सच्ची बात करने वालों को मारा जा रहा है। उन्होंने मीडिया पर भी सवाल उठाए और कहा कि कुछ मीडिया हाउस सरकार का ही साथ दे रहे हैं। सच्चे ईमानदार पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और वकीलों पर हमले हो रहे हैं, उन्हें खत्म किया जा रहा है। स्वामी अग्निवेश ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और प्रधानमंत्री को विद्वानों की नगरी काशी में बहस करने को चुनौतीपूर्ण आमंत्रण दिया। कहा कि बंद कमरे चर्चा क्या, आएं काशी जहां दयानंद ने शास्त्रार्थ किया मैं उनका शिष्य यहां उनसे हर मुद्दे पर बहस करने को तैयार हूं, वह भी विद्वाननों और मीडिया के बीच।