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शिक्षक-कर्मचारी हड़ताल प्रभावित कर सकती है यूपी बोर्ड परीक्षा

07 से शुरू होनी है परीक्षा, एक दिन पहले ही प्रदेश भर के शिक्षक व कर्मचारियों ने कर रखी है हड़ताल की घोषणा। सोमवार को प्रमुख सचिव संग हुई वार्ता विफल। प्रशासन बेहाल।

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UP Board

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डॉ अजय कृष्ण चतुर्वेदी

वाराणसी. माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वी और 12वीं की परीक्षा गुरु वार 07 फरवरी से शुर हो रही है। विभाग के मुताबिक सारी तैयारी कर ली गई है। लेकिन परीक्षा से ठीक एक दिन पहले यानी 06 फरवरी से शिक्षक-कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। ऐसे में परीक्षा कैसे संचालित होगी, कमरो में ड्यूटी कौन देगा, परीक्षा केंद्रों पर कर्मचारी कहां से आएंगे। इसे लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि विभाग का दावा है कि हड़ताल का परीक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वैकल्पिक व्यवस्था भी कर ली गई है।

बता दें कि यूपी बोर्ड के इंटर व हाईस्कूल की परीक्षाएं 07 फरवरी से शुरू हो रही हैं। पहले दिन इंटर, काष्ठशिल्प,प्राणधशिल्प, सिलाई का पेपर सुबह 08 बजे से है जबकि दोपहर 02 बजे से मनोविज्ञान, शिक्षा शास्त्र, तर्क शास्त्र की परीक्षा है। वहीं हाईस्कूल में पहले दिन पहली पाली में संगीत गायन की परीक्षा है। दूसरी पाली में कोई परीक्षा नहीं है। हाईस्कूल की सबसे बड़ी परीक्षा 12 फरवरी को है, इस दिन सुबह की पाली में हिंदी (प्रारंभिक हिंदी) का पेपर है।

इस बीच शिक्षक कर्मचारी संघ ने पुरानी पेंशन बहाली की एक सूत्री माग को लेकर 06 फरवरी से प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। इस हड़ताल में माध्यमिक के अलावा प्राथमिक शिक्षक भी शामिल हैं। साथ ही सभी राज्य कर्मचारी। ऐसे में इस हड़ताल से परीक्षा के प्रभावित होने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।

हड़ताल के बाबत उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतनारायण सिंह गुट) ने पांच फरवरी की सुबह ऐलान किया है कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी 06 फरवरी से शुरू होने वाली हड़ताल में पूरे जोश ओ खरोश से शरीक होंगे। लेकिन छात्रहित में बोर्ड परीक्षा में किसी तरह का व्यवधान नहीं डालेंगे। परीक्षा बाधित करने का प्रयास नहीं करेंगे। कहा कि शिक्षक परीक्षा का बहिष्कार तो करेंगे लेकिन अगर कोई शिक्षक कक्ष निरीक्षण का कार्य करता है तो उसे इससे अलग होने को प्रेरित भी नहीं किया जाएगा। हालांकि शिक्षक नेताओं ने चेतावनी भी दी है कि अगर 12 फरवरी यानी जिस दिन से बड़ी परीक्षा शुरू हो रही है तब तक सरकार पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर ध्यान नहीं देती तो सभी शिक्षक व राज्यकर्मचारी पूर्ण हड़ताल पर चले जाएंगे। अगर सरकार ह़ड़ताल को तोड़ने के लिए दमनात्मक रुख अख्तियार करती है तो शिक्षक संघ तत्काल महा हड़ताल में कूद पड़ेगा। यह जानकारी संघ के प्रांतीय मीडिया प्रभारी अशोक कुमार श्रीवास्तव ने पत्रिका को दी।

उधर सोमवार को देर रात शिक्षक कर्मचारी नेता और प्रमुख सचिव के बीच हुई वार्ता के विफल होने के बाद प्रमुख सचिव ने सभी कमिश्नर और डीएम संग वीडियो कांफ्रेसिंग कर ह़ड़ताल से निबटने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि हड़ताली कर्मचारियों और शिक्षकों पर नजर रखी जाए। वैसे शासन ने इस हड़ताल को उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम 1966 के तहत सभी विभागों व संस्थानों में हड़ताल पर छह महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही कहा है जो भी शिक्षक या कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे उनके विरुद्ध एस्मा के तहत कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षक नेता अशोक कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक बनारस जिले में संघ से संबद्ध 3700 से ज्यादा और प्रदेश के 63000 से ज्यादा शिक्षक इस ड़ताल में शामिल होंगे। इससे परीक्षा पर असर पड़ना स्वाभाविक है। लेकिन हमारी मांग भी जायज है जिसके लिए हम सभी लंबे अरसे से लड़ रहे हैं। कहा कि अनावश्यक कोई शिक्षक या कर्मचारी अपना पैसा शेयर मार्केट में क्यों डाले। हर कर्मचारी और शिक्षक का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए।

इस बीच डीआईओएस डॉ बीपी सिंह ने पत्रिका को बताया कि बनारस जिले के शिक्षक हड़ताल पर नहीं हैं। माध्यमिक शिक्षा से जुड़े सभी संगठनो ने लिख कर दे दिया है कि वो परीक्षा में कार्य करेंगे। ऐसे में बनारस में इस हड़ताल से परीक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इस बीच जिला विद्यालय निरीक्षक ने बनारस के छह विद्यालयों को नकल की दृष्टि से संवेदनशील घोषित किया है, इसमें हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज, ग्राम्य विद्यापीठ इंटर कॉलेज, सर्वोदय इंटर कॉलेज, सरदार पटेल इंटर कॉलेज, इंटर कॉलेज पलहीपट्टी, नेशनल इंटर कॉलेज पीलीकोठी शामिल हैं। इन सभी केंद्रों की सूची जिला प्रशासन को भेज दी गई है। संवेधनशील केंद्रों पर पर्यवेक्षक के अलावा स्टैटिक मजिस्ट्रेट लगाए जाएंगे।