Varanasi News : मिर्जापुर में 9 अप्रैल को हुई इस घटना के बाद हड़कंप मचा था। इसपर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को जेल भेजा था लेकिन पीड़ित ने वाराणसी पहुंचकर पुलिस पर भी आरोप लगाए हैं।
Varanasi News : मिर्जापुर में चप्पल पर थूक कर चटवाने का एक वीडियो सोमवार को तेजी से वायरल हुआ तो मिर्जापुर पुलिस ने इसपर सफाई दी थी। मिर्जापुर पुलिस ने बताया था कि यह वीडियो अप्रैल माह का है और इस मामले में सम्बंधित को भी जेल भेजा गया था। वहीं पीड़ित का एक बार वायरल हुए वीडियो के बाद आहत हुआ और मंगलावर को प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र कार्यालय पहुंच गया। यहां उसने न्याय की गुहार लगाईं। उसने प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि हमसे चप्पल पर थूक कर चटवाया गया है न्याय चाहिए।
थूक के चाटने के लिए किया था मजबूर
मिर्जापुर में अप्रैल माह में संविदा बिजली कर्मी से थूककर चटवाने का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। बिजली कर्मी ने मंगलवार प्रधानमंत्री संसदीय क्षेत्र कार्यालय पहुंचकर बताया कि 9 अप्रैल 2023 को उनके साथ इलाके के सनोज कन्नोजिया ने अमानवीय व्यहवहार किया और चप्पल पर थूक कर चटवाया। 2 हजार रुपए के बकाए को लेकर यह अमानवीय व्यहवहार किया गया था। हमें न्याय चाहिये।
बताई आपबीती
पीड़ित ने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र कार्यालय पर आरोपी ने बिजली का बिल कम कराने के लिए कहा था। 8 हजार रुपए दिए। लेकिन, मेरे अधिकारी ने कह दिया कि पैसा उसका वापस कर दो। बिजली का बिल कम नहीं होगा। 9 हजार में से मैंने 6 हजार लौटा दिया। 2 हजार अगले सप्ताह देने की बात कही। इस पर उसने असलहा दिखाकर मुझे मोटरसाइकिल पर बैठाकर दूर लेकर गया। उसने कहा कि मुझे 2 हजार रुपए नहीं चाहिए। मारपीट और टॉर्चर करते हुए चप्पल पर थूककर चटवाया। उसके बाद छोड़ दिया। मोबाइल छीनकर लेकर भाग गया।"
लगाया ये आरोप
पीड़ित मिर्जापुर से वाराणसी अपने दामाद विवेक पांडेय के घर आया है। दामाद के साथ वह शिकायत लेकर PMO कार्यालय पहुंचा था। दामाद ने बताया कि चप्पल पर चटवाने के बाद आरोपियों ने 2 दिन तक मोबाइल अपने पास ही रखा था। उन्हीं के फोन पर वाट्सएप स्टेटस लगाया गया। मोबाइल थाने से मिला था। चालान कराकर आरोपी को छोड़ दिया गया।
सीएम पोर्टल पर करें शिकायत
संसदीय क्षेत्र कार्यालय से इस मामले में सीएम पोर्टल पर शिकायत करने की सलाह दी गई। वहीं मिर्जापुर अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया, "मामले में तीन महीने पहले ही मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त को जेल भेजा जा चुका है। पीड़ित की शिकायत पर ये एक्शन लिया गया था।