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योगी सरकार कराएगी ट्रांसजेंडर्स की जनगणना

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विपक्ष की ओर से जाति आधारित जनगणा कराने की घोषणा की जा रही थी। अब बीजेपी के सत्ता में आने के बाद योगी आदितयनाथ सरकरा ने जाति आधारित नहीं बल्कि ट्रांसजेंडर की जनगणना कराने का मन बना लिया है। इसके लिए समाज कल्याण विभाग ने 200 करोड़ रुपये का बजट भी बना दिया है। तो जानते हैं इसका क्या है मकसद...

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

वाराणसी. उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग सूबे के ट्रांस जेंडर के लिए जनगणना कराने का निर्णय किया है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर यूपी सरकार को भेज भी दिया है। इस जनगणना का मकसद इस वंचित समूह के लिए कल्याणकारी योजनाएं तैयार कर उन्हें अमली जामा पहनाना है ताकि इस वंचित समूह के लोगों का कल्याण करने के साथ ही उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।

पिछले साल ही ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड का हुआ था गठन

बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पहले मुख्यमंत्रित्व काल में 2021 में ही ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड का गठन किया था। अब उन वंचित समुदाय को समाज की मुख्य धारा से जोड़ कर उन्हें बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने की योजना है। इसके लिए समाज कल्याण विभाग ने 200 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत 18 अप्रैल को ट्रांसजेंडर समुदाय की खातिर कल्याणकारी कदम उठाने को कहा था।

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यूपी में ट्रांसजेंडर की आबादी है 20 लाख

जानकारी के मुताबिक यूपी में ट्रांस जेंडर की कुल आबादी लगभग 20 लाख है। लेकिन इसमें से अधिकांश के पास शिक्षा व आजीविका के समुचित संसाधन उपलब्ध नहीं है।

जनगणना का उद्देश्य इस समुदाय को आधार कार्ड से जोड़ना
बताया जा रहा है कि जनगणा, राज्य में ट्रांसजेंडर की पहचान करने और आधार कार्ड में उनका रजिस्ट्रेशन कराने के लिए होगी। इससे वो सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके तहत सूबे के 75 जिलों में डेटा बेस तैयार होगा जिसे केंद्र सरकार संग साझा किया जाएगा।

शिक्षा पर व्यय होंगे 25 करोड़ रुपये

विभागीय सूत्रों के मुताबिक सूबे के ट्रांसजेंडर के कल्याण और विकास के लिए 200 करोड़ रुपये का जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उसमें से करीब 25 करोड़ रुपये इस वंचित समुदाय की शिक्षा पर व्यय होगा।

बुजुर्ग ट्रांसजेंडर के लिए बनेगा गरिमा गृह
इतना ही नहीं योजना के मुताबिक इस समुदाय के बुजुर्गों के लिए गरिमा गृह का निर्माण भी होगा, ताकि वृद्धावस्था में उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने को मिल सके। साथ ही ट्रांसजेंडर बहुल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के लिए आधारभूत ढांचा सुदृढ किया जाएगा। इसके तहत बिजली, पानी और पक्की सड़कों की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

समाज कल्याण विभाग ने राज्य सरकार को भेजा प्रस्ताव
जानकारी के मुताबिक समाज कल्याण विभाग ने अपना प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज भी दिया है। अब जैसे ही सरकार से हरी झंडी मिलती है, रजिस्ट्रेशन का काम शुरू हो जाएगा।

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