
वाराणसी: बाल यौन शोषण के आरोपों से घिरे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के ऊपर कई गंभीर आरोप लग रहे हैं। नया आरोप है कि उनके मठ श्री विद्या मठ में फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। आरोपों के मुताबिक, मठ में शीश महल है, इसमें लिफ्ट और स्विमिंग पूल की सुविधा भी है। इसके बाद शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी ने इस सच से पर्दा उठाया है।
दावे पर क्या बोले मुकुंदानंद
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के श्री विद्या मठ में फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं होने का दावा किया गया है। इसके बाद उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि सभी दावे झूठे हैं। हमारा मठ काफी छोटा है और इसमें करीब 150 से 200 विद्यार्थी हैं। हम इस मठ में बहुत मुश्किल से गुजारा करते हैं।
लिफ्ट के दावे पर मुकुंदानंद की सफाई
श्री विद्या मठ में लिफ्ट होने के दावे पर मुकुंदानंद ने बताया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के गुरु दिवंगत शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती बीमार थे और वह चल फिर नहीं पाते थे, व्हीलचेयर के माध्यम से उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता था। हमारे मठ में उन्हीं के लिए एक छोटी सी लिफ्ट बनवा गई थी, जिसके माध्यम से उन्हें मठ के विभिन्न तलों पर ले जाया जाता था।
स्विमिंग पूल नहीं है, एक गड्ढा नुमा पुल बनाया गया था: मुकुंदानंद
मठ में स्विमिंग पूल होने के दावे पर मुकुंदनंद ने बताया कि दिवंगत शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती को डॉक्टरों ने व्यायाम करने के लिए कहा था। दिवंगत शंकराचार्य के लिए एक छोटा सा गड्ढा नुमा पूल बनाया गया, जिसमें पानी भरा जाता था और महाराज उसी में अपना पैर हिलाते थे और ऐसा करने के लिए उन्हें डॉक्टरों ने ही कहा था।
शीश महल के आरोपों पर क्या बोले मुकुंदानंद
मठ में किसी भी तरह की सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। यहां दूर दराज से श्रद्धालु आते हैं, इस वजह से जमीन पर दरी बिछाई गई है, ताकि वह आराम से इस पर बैठ सके। इसके साथ ही मुकुंदानंद ने बताया कि हमारे मठ को शिश महल कहा जा रहा है, इसका एकमात्र कारण हो सकता है कि मठ में जगह-जगह शीशे लगाए गए हैं, जिससे लोग आर पार देख सकते हैं। शायद लोग इसे ही शीश महल समझ बैठे हैं।
Published on:
27 Feb 2026 10:38 am
बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
