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अब अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर IIT BHU समेत दुनिया के तीन विश्वविद्यालय मिल कर करेंगे शोध

IIT BHU का जर्मनी और मलयेशिया से हुआ करार

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Universities of Germany and Malaysia signing MOU with IIT BHU

Universities of Germany and Malaysia signing MOU with IIT BHU

वाराणसी. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने शोध क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए नया आयाम हासिल किया है। इसके तहत शिक्षकों और शोध छात्रों द्वारा शोध कार्य करने के लिए संस्थान और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तीन विश्वविद्यालयों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं। इसमें मलयेशिया की यूनीवर्सटी ऑफ मलेशिया, पहांग और जर्मनी के दो विश्वविद्यालय जुलियस मैक्सीमीलियंस यूनीवर्सटी, उर्जबर्ग तथा साउथ एशिया इंस्टीट्यूट रूपरेक्ट-काल्र्स-यूनीवर्सटी, हेडेलबर्ग शामिल हैं।

शुक्रवार को एमओयू पर हस्ताक्षर के दौरान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन, शोध एवं विकास कार्य अधिष्ठाता प्रोफेसर राजीव प्रकाश, यूनीवर्सटी ऑफ मलयेशिया के कुलपति डॉ. डैंग मोहम्मद नासिर बिन डैंग इब्राहिम, जुलियस मैक्सीमीलियंस यूनीवर्सटी, उर्जबर्ग के निदेशक डॉ योर्ग गैंगनागल और साउथ एशिया इंस्टीट्यूट रूपरेक्ट-काल्र्स-यूनीवर्सटी, हेडेलबर्ग, जर्मनी के निदेशक डॉ उटे हस्कन उपस्थित रहे।

संस्थान और तीन विश्वविद्यालयों के बीच करार होने से संस्थान के शिक्षकों और शोध छात्रों को काफी फायदा मिलेगा। तीनों विश्वविद्यालयों और संस्थान में एक ही विषय पर होने वाले शोध कार्यों में बेहतर नतीजों के लिए शिक्षक और छात्र तीनों विश्वविद्यालयों में से कहीं भी जा कर रिसर्च कर सकेंगे और वहां के छात्र और शिक्षक भी संस्थान में आकर शोध कर सकेंगे। यही नहीं, शोध छात्रों को ज्वाइंट पीएचडी की सुविधा भी दी जाएगी।