वाराणसी। वो साथ साथ खेला करते थे ,साथ साथ शरारतें की ,साथ साथ लखनऊ से लेकर सैफई की गलियों की ख़ाक छानी और साथ ही राजनीति भी शुरू की थी लेकिन एक दिन अचानक उनमे से एक इस दुनिया को छोड़कर चला गया। यह कहानी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और प्रो रामगोपाल यादव के बेटे असित उर्फ़ बिल्लू की दोस्ती की है,जिसकी एक वक्त मिसालें दी जाती थी।यह वही बिल्लू था जो कि मुलायम सिंह यादव का सहयोगी था और जब मुलायम यूपी की राजनीति में अपना परचम लहरा रहे थे उनसे होने वाली मुलाकातों को तय करने का काम किया करता था।समाजवादी पार्टी के बुजुर्ग नेता संगीत यादव बिल्लू को याद करते हुए बेहद भावुक हो जाते हैं वो बताते हैं कि जैसा बिल्लू का नेटवर्क था वैसा नेटवर्क किसी का नहीं हो सकता ,उसके पास अखिलेश और नेताजी के एक एक पल का हिसाब रहता था। अगर कहे कि वो रामगोपाल से ज्यादा अपने चाचा मुलायम को प्यार करता था तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।