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टीपू में अपने लाडले बिल्लू को देखा करते हैं रामगोपाल 

-सीएम अखिलेश और रामगोपाल यादव के रिश्तों की वो अनसुनी कहानी जिसे सुनकर आप रो पड़ेंगे 

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Awesh Tiwary

Jan 01, 2017

untold story of akhilesh ramgopal relationship

untold story of akhilesh ramgopal relationship

-आवेश तिवारी
वाराणसी। वो साथ साथ खेला करते थे ,साथ साथ शरारतें की ,साथ साथ लखनऊ से लेकर सैफई की गलियों की ख़ाक छानी और साथ ही राजनीति भी शुरू की थी लेकिन एक दिन अचानक उनमे से एक इस दुनिया को छोड़कर चला गया। यह कहानी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और प्रो रामगोपाल यादव के बेटे असित उर्फ़ बिल्लू की दोस्ती की है,जिसकी एक वक्त मिसालें दी जाती थी।यह वही बिल्लू था जो कि मुलायम सिंह यादव का सहयोगी था और जब मुलायम यूपी की राजनीति में अपना परचम लहरा रहे थे उनसे होने वाली मुलाकातों को तय करने का काम किया करता था।समाजवादी पार्टी के बुजुर्ग नेता संगीत यादव बिल्लू को याद करते हुए बेहद भावुक हो जाते हैं वो बताते हैं कि जैसा बिल्लू का नेटवर्क था वैसा नेटवर्क किसी का नहीं हो सकता ,उसके पास अखिलेश और नेताजी के एक एक पल का हिसाब रहता था। अगर कहे कि वो रामगोपाल से ज्यादा अपने चाचा मुलायम को प्यार करता था तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

जब पुलिस को चकमा देकर भागे अखिलेश और बिल्लू
वो 90 के दशक का आखिरी वक्त था पुलिस ने संभल में चुनाव प्रचार के दौरान पुलिस ने बिल्लू और अखिलेश उर्फ़ टीपू दोनों को पकड़ लिया दोनों ने सर्किल अधिकारी से कहा कि हम चुनाव प्रचार को जा रहे हैं लेकिन पुलिस अधिकारी ने उनकी एक न सुनी ,इस बीच बिल्लू ने एक पुलिस वाले की वर्दी पर उसका नाम पढ़ लिया जो कि यादव था उसने पुलिस वाले को अपनी योजना के बारे में बताया उसके बाद वो दोनों चकमा देकर पुलिसवालों की पकड़ से बाहर निकल गए ,सर्किल अधिकारी चिल्लाता रह गया लेकिन पुलिस वालों ने उन्हें नहीं पकड़ा। अखिलेश के नजदीकी बताते हैं कि वो आज भी बिल्लू को बहुत याद करते हैं क्योंकि दोनों ने एक साथ ढेर सारा समय बिताया है। जब अखिलेश सिडनी पढने गए तो उनके पास पूरे परिवार से संपर्क के लिए बिल्लू ही माध्यम हुआ करते थे। उस वक्त मोबाइल एक दुर्लभ चीज हुआ करती थी लेकिन अखिलेश ने अपने साथ साथ बिल्लू को भी मोबाइल दे रखा था।

अखिलेश ने ऐसे उतारा दोस्ती का कर्ज
प्रोफ़ेसर रामगोपाल यादव भौतिक शास्त्र के प्रोफ़ेसर है 1989 में जब पहली बार मुलायम सिंह यादव पहली बार विधायक चुने गए उस वक्त रामगोपाल इटावा में जिला परिषद् के अध्यक्ष थे 1992 में पहली बार राज्यसभा में भेजे गए। वो पहले व्यक्ति थे जिन्होंने 2012 में अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाये जाने का सर्वाधिक समर्थन किया था |अखिलेश के प्रति उनके इस लगाव की दास्ताँ भी बहुत कम लोग जानते हैं। दरअसल बिल्लू उर्फ़ आसीत की शादी 1999 में उनकी स्कूल की दोस्त अभिलाषा से हुई थी जो एक पायलट की बेटी थी लेकिन विवाह के महज 40 दिनों बाद ही बिल्लू की आकस्मिक मौत हो गई। रामगोपाल पर तो जैसे पहाड़ गिर पड़ा ,अभिलाषा पेट से थी ,ऐसे में अखिलेश ने अपने घर वालों को तैयार किया और अपने भाई और मित्र बिल्लू की पत्नी की शादी अपने दूसरे चाचा अभय यादव के पुत्र अनुराग से करा दी। आज भी अखिलेश यादव के बैठक में उनकी पत्नी डिम्पल और अभिलाषा की तस्वीर एक साथ लगी हुई है। अखिलेश ने अपने दोस्त भाई और रामगोपाल यादव के बेटे की यादों का सम्मान रखा था ,आज रामगोपाल अखिलेश के सपनों को संजो रहे है।