15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जानिए रघुराज प्रताप सिंह कैसे बने राजा भैया, कारनामें जान के हो जाएंगे दंग

राजनीति में कदम रखने वाले परिवार के पहले सदस्य थे राजा भैया, फिर भी कभी नहीं हारे चुनाव

2 min read
Google source verification
Raja bhaiya

राजा भैया

प्रतापगढ़. कुंडा का नाम लते ही लोगों के जुबान पर खामोशी छा जाती है। क्योंकि वहां के राजा बाहुबली राजा भैया का खौफ हमेशा बरकरार रहता है। कभी यूपी के बाहुबली विधायक और प्रतापगढ़ के भदरी स्टेट के राजा रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राज भैया के लिए एक लाइन कही जाती थी। कहा जाता है कि जहां से कुंडा की सीमा शुरू होती है वहां से राज्य सरकार की सीमाएं समाप्त हो जाती हैं।
इसे उनका खौफ कहें या फिर इलाके के वर्चस्व पर ये बानगी भर है राजा भैया के बारे में कहे जाने वाले किस्सों की जो इलाके के लोगों की जबानजद है। वहज उनका खौफ हो या जनता में अपने राजा के लिए प्यार , वह जब से चुनाव लड़े, आज तक हार का मुंह नहीं देखा। कभी किसी पार्टी का सहारा नहीं लिया, तब भी वह बड़े अन्तर से चुनाव जीते। कहा जाता है कि जिस तरह से इलाके में उनका डंका बजता है उसी तरह उन्होंने राजनीति में भी अपना जलवा कायम रखा और मंत्री भी बने। कभी वह तेज तर्रार छवि के चलते तूफान सिंह के नाम से भी जाने जाते थे।

अपने परिवार के पहले सदस्य थे जिन्होंने राजनीति में कदम रखा
रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया का जन्म 31 अक्टूबर 1967 को प्रतापगढ़ के भदरी रियासत में हुआ था। इनके पिता का नाम उदय प्रताप सिंह और माता का नाम मंजुल राजे है। इनके दादा राजा बजरंग बहादुर सिंह, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और हिमांचल प्रदेश के राज्यपाल भी रहे हैं। राघुराज के पिता राजा उदय प्रताप सिंह विश्व हिंदू परिषद व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मानद पादाधिकारी रह चुके हैं। इनकी माता मंजुल राजे भी एक शाही परिवार की हैं। राजा भइया अपने परिवार के पहले ऐसे सदस्य थे जिन्होंने पहली बार राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश किया। रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का विवाह बस्ती रियासत की राजकुमारी भान्वी देवी से हुआ। इनके दो पुत्र शिवराज एंव ब्रृजराज, दो पुत्रियां राधवी और ब्रृजेश्वरी है।

पांच बार विधायक रहे राजा भैया
कुंडा विधानसभा क्षेत्र से लगातार पांच बार विधायक रहे राजा भइया 1993 से लेकर अब तक अजेय हैं। उन्होंने अपना पहला चुनाव 26 साल की उम्र में लड़ा और विजयी हुए। उनसे पहले कुंडा सीट पर कांग्रेस के नियाज हसन का डंका बजता था। राजा भैया 1993 और 1996 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी समर्थित, तो 2002 और 2007, 2012 के चुनाव में एसपी समर्थित निर्दलीय उ मीदवार के रूप में विधायक चुने गए। राजा भैया, बीजेपी की कल्याण सिंह सरकार और एसपी की मुलायम सिंह सरकार में भी मंत्री बने। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट में खाद्य एवं रसद मंत्री है। राजा भैया को 1997 में भारतीय जनता पार्टी के कल्याण सिंह के मंत्रीमंडल में कैबिनेट मंत्री, वर्ष 1999 व 2000 में राम प्रकाश गुप्ता और राजनाथ सिंह के कैबिनेट में खेल कूद एंव युवा कल्याण मंत्री बनाया गया। साल 2004 मे समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव की सरकार मे रघुराज प्रताप खाद्य एवं रसद विभाग के मंत्री बने।

राजनीतिक करियर
26 साल की उम्र में कुंडा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीते
1993 से लेकर अब तक कुंडा विधान सभा क्षेत्र पांच बार विधायककुंडा विधानसभा क्षेत्र पर अजेय हैं राजा भइया
सपा सरकार में दो बार मंत्री बने राजा भइया
1997 में बीजेपी की कल्याण सिंह सरकार में भी कैबिनेट मंत्री बने
1999 व 2000 में रामप्रकाश गुप्ता और राजनाथ सिंह की कैबिनेट में मंत्री बने
2004 में मुलायम सिंह यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री
2012 में अखिलेश सरकार में कारागार एवं खाद्य एवं रसद मंत्री
2013 में अखिलेश मंत्रिमंडल से दिया इस्तीफा
11 अक्टूबर 2013 में फिर अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बने