7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी बोर्ड परीक्षा 2022: बोर्ड मुख्यालय की नई व्यवस्था से केंद्र व्यवस्थापक परेशान, कक्ष निरीक्षकों की कमी होना तय

यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 दो दिन बाद शुरू होने जा रही है। एक साल के अंतराल के बाद होने जा रही इस परीक्षा को लेकर प्रधानाचार्य/केंद्र व्यवस्थापक खासे परेशान नजर आ रहे हैं। सबसे बड़ी दिक्कत कक्ष निरीक्षकों को लेकर होने की आशंका जताई जा रही है। कारण बोर्ड मुख्यालय स्तर से कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाने की नई व्यवस्था ने भारी अव्यवस्था पैदा कर दी है। वहीं कई केंद्राध्यक्ष प्रश्न पत्र न मिलने से भी परेशान हैं।

2 min read
Google source verification
यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 (फाइल फोटो)

यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 (फाइल फोटो)

वाराणसी. यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 आरंभ होने में महज दो दिन शेष हैं। गुरुवार 24 मार्च से परीक्षा शुरू होनी है पर आलम ये है कि बोर्ड मुख्यालय स्तर से ऑनलाइन लगाई गई कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी के चलते बड़े पैमान पर अव्यवस्था फैलने की आशंका बलवती हो गई है। खास तौर पर इस बार परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की भारी किल्लत होने की आशंका जताई जा रही है। इसे लेकर केंद्र व्यवस्थापक/ प्रधानाचार्य खासे परेशान हैं। साथ ही अभी तक कई केंद्रों पर प्रश्नपत्र नहीं पहुंच पाए हैं इसे लेकर भी केंद्र व्यवस्थापकों में नाराजगी है। उधर विभाग ने चेतावनी दी है कि किसी केंद्र पर सामूहिक नकल या किसी तरह की गड़बड़ी हुई तो उसके लिए केंद्र व्यवस्थापक को जिम्मेदार मानते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सबसे ज्यादा दिक्कत कक्ष निरीक्षकों की
एक साल के अंतराल के बाद होने जा रही यूपी बोर्ड की परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों की कमी तय मानी जा रही है। इसके लिए केंद्र व्यवस्थापक बोर्ड को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि पहली बार बोर्ड मुख्यालय स्तर से ऑनलाइन कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसका नतीजा ये है कि कहीं आगरा तो कहीं कौशांबी तो कहीं किसी अन्य सुदूरवर्ती जिलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसे लेकर केंद्र व्यव्थापक परेशान हैं।

कई परीक्षा केंद्रों को नहीं मिले वाह्य कक्ष निरीक्षक
वहीं 131 में से कई केंद्रों को अब तक वाह्य कक्ष निरीक्षक नहीं मिल सके हैं। उधर विभागीय निर्देश के तहत 50 फीसद के स्थान पर विद्यालयों के 80 फीसद शिक्षकों की ड्यूटी बाहर लगाई गई है। ऐसे में प्रधानाचार्यों के समक्ष अपने केंद्र की व्यवस्था संभालना दुरूह हो रहा है।

कई केंद्रों को नहीं मिले प्रश्न पत्र
उधर कई ऐसे परीक्षा केंद्र हैं जहां सोमवार शाम तक प्रश्न पत्र ही नहीं पहुंचे थे। बोर्ड परीक्षा से जुड़े सूत्रों की मानें तो इस बार बोर्ड स्तर से ऐसे इंतजाम किए गए हैं कि केंद्र व्यवस्थापकों को चार से पांच चरण में प्रश्न पत्र मिलने हैं। ऐसे में पूरी परीक्षा भर प्रश्न पत्रों को लेकर केंद्र व्यवस्थापक ही नहीं जिला विद्यालय निरीक्षक तक को परेशानी उठानी पड़ सकती है।

परीक्षा केंद्रों पर नकल या किसी तरह की गड़बड़ी पर नपेंगे केंद्र व्यव्थापक

इस बीच शिक्षाधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों को चेताया है कि परीक्षा केंद्र पर किसी तरह की गड़बड़ी होने या सामूहिक नकल होने पर केंद्र व्यवस्थापकों को दंडित किया जाएगा। परीक्षा केंद्र के भीतर की सारी जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक की होगी।

परीक्षा केंद्र के भीतर केंद्र व्यवस्थापक भी नहीं ले जा सकेंगे स्मार्ट फोन
अधिकारियों ने ये भी कहा है कि कोई भी केंद्र के भीतर कोई भी स्मार्ट फोन नहीं जा सकेगा। यहां तक कि यह नियम व्यवस्थापकों पर भी लागू होगा।