
Varanasi: वाराणसी की एक स्थानीय विशेष न्यायालय से उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय को राहत मिली है। अदालत ने शनिवार 20 जनवरी को इस मामले सुनवाई करते हुए ये निर्णय लिया है। वाराणसी की MP MLA कोर्ट में केस चल रहा था। कोर्ट ने करीब 27 वर्ष पहले निषेधाज्ञा उल्लंघन कर धरना-प्रदर्शन करने के मामले में अजय राय को बरी कर दिया है।
आरोप सिद्ध नहीं कर सका अभियोजन पक्ष
अजय राय के वकील अनुज यादव ने बताया कि अजय राय पर 1996 में बिना अनुमति धरना प्रदर्शन कर आवागमन बाधित करने और धारा 144 (निषेधाज्ञा) के उल्लंघन का आरोप था। अदालत में अजय राय के खिलाफ कोई मजबूत गवाह पेश नहीं हुआ। कोर्ट में ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को सिद्ध भी नहीं कर पाया। इसके बाद जज ने अजय राय के पक्ष में फैसला देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
क्यों दर्ज हुआ था केस ?
यह बात 11 सितंबर, 1996 की है। अजय राय अपने 300 से ज्यादा समर्थकों और 200 गाड़ियों के साथ नामांकन भरने पहुंचे थे। इस जुलूस में ज्यादा गाड़ियों के चलते जाम लग गया था। अजय राय के ऊपर आरोप था कि उनके समर्थक गाड़ियों में बैठे नारे लगाते हुए पूरे मार्ग को बाधित कर दिया था। पुलिस ने जब उनसे जुलूस से संबंधित अनुमति पत्र मांगा तो वो नहीं दिखा सके थे। जिसके बाद अजय राय पर केस दर्ज हुआ था।
Published on:
21 Jan 2024 11:28 am
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