21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

UP Nikay Chunav : वाराणसी में कांग्रेस ने अनिल श्रीवास्तव को बनाया मेयर उम्मीदवार, युवा राजनीति के हैं पुरोधा

UP Nikay Chunav : वाराणसी में निकाय चुनाव के लिए मेयर पद पर सुभासपा के बाद कांग्रेस ने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है। सपा, भाजपा और बसपा के प्रत्याशियों के नाम की घोषणा होना अभी बाकी है।

2 min read
Google source verification
UP Nikay Chunav Congress Candidate

वाराणसी में कांग्रेस ने अनिल श्रीवास्तव को बनाया मेयर उम्मीदवार, युवा राजनीति के हैं पुरोधा

वाराणसी। उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद शहर बनारस में नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी पारा आसमान छू रहा है। छोटे दल अपने उम्मीदवार तय कर रहे हैं तो राष्ट्रीय दलों ने भी अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम भारतीय राष्ट्री कांग्रेस ने बुधवार की रात वाराणसी और कानपुर के मेयर पदों पर उम्मीदवार की घोषणा कर दी। वाराणसी के वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल श्रीवास्तव को टिकट दिया है।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के रहें हैं अध्यक्ष

अनिल श्रीवास्तव पर वाराणसी में कांग्रेस ने दांव खेला है। अनिल श्रीवास्तव ने अपनी राजनीति की शुरुआत युवाओं के बीच की थी। साल 1978 में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हुए छात्रसंघ चुनाव में अनिल श्रीवास्तव ने जीत हासिल की थी और 1985 तक वो विश्वविद्यालय के अध्यक्ष रहे। इस समय बीएचयू में छात्रसंघ चुनाव नहीं होते। बीएचयू चुनाव के इतिहास में सबसे अधिक मतों से जीतने वाले उम्मीदवार अनिल श्रीवास्तव बने थे।

आईवाईसी से शुरू किया कांग्रेस का सफर

अनिल श्रीवास्तव ने एनएसयूआई से कांग्रेस का सफर शुरू किया था। राजीव गांधी ने उनकी राजनितिक सक्रियता और युवाओं पर पकड़ को देखते हुए उन्हें बुलाकर आईवाईसी का सचिव नियुक्त किया था। एक युवा नेता के रूप में खुद को साबित करने के अपने प्रयास में वह भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) में एक सक्रिय भागीदार थे, एक ऐसा संगठन जिसे बदलने के लिए वे सितंबर 1987 में सचिव नियुक्त किए जाने के बाद से लगातार काम कर रहे थे। अनिल श्रीवास्तव के नेतृत्व में आईवाईसी और एनएसयूआई ने युवाओं खासकर छात्रों के हित में जबरदस्त काम किया।

कांग्रेस के टिकट पर लड़े विधानसभा चुनाव

अनिल श्रीवास्तव पर कांग्रेस के भरोसे का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्हें कैंट विधानसभा सीट वाराणसी से लगातार तीन बार टिकट दिया गया। साल 2007 में उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था। साल 2012 के चुनाव में एक बार फिर उन्होंने ज्योत्स्ना श्रीवास्तव के विरुद्ध ताल ठोकी और मात्र 12852 वोटों से चुनाव हारे गए। इसके बाद साल 2017 में एक बार फिर कांग्रेस ने उन्हें चुनाव मैदान में उतारा। इस बार ज्योत्स्ना श्रीवास्तव के लड़के सौरभ श्रीवास्तव से अनिल श्रीवास्तव 61 हजार वोटों से हार गए।

फिर जताया भरोसा

अनिल श्रीवास्तव पर एक बार फिर कांग्रेस ने भरोसा जताया है। उनकी सक्रियता ने उन्हें उम्र के इस पड़ाव में एक बार फिर कांग्रेस पार्टी ने मेयर पद की दावेदारी दी है। अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि पारी ने जो भरोसा जताया है। उसपर खरा उतरने की कोशिश करूंगा।

अजय राय ने दी बधाई

अनिल श्रीवास्तव के घर कार्यकर्ताओं का आना-जाना शुरू हो गया है और रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इस टिकट की घोषणा के बाद कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय ने हर्ष जाहिर करते हुए कहा कि जो भी पार्टी के लिए कार्य करेगा और सक्रीय भूमिका निभाएगा। उन्हें पार्टी भी हमेशा याद रखती है। अनिल श्रीवास्तव जी हमेशा पार्टी के कार्य के लिए तत्पर रहते हैं। ऐसे में उन्हें पार्टी ने उन्हें मौका दिया। ऐसे में हम सभी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चुनाव जिताने का काम करेंगे।