
स्काई वॉक वाराणसी
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकास के नए कीर्तीमान गढ़ने की कवायद जारी है। इस क्रम में अब एक नया नाम स्काई वाॅक का भी जुड़ने जा रहा है। उत्तर प्रदेश का पहला स्काई वाॅक वाराणसी में बनाया जाएगा। इससे पर्यटकों को 80 मीटर ऊंचाई से काशी केा निहारने का मौका मिलेगा। वाराणसी विकास प्राधिकरण की ओर से इसका पूरा प्लान तैयार किया जा चुका है।
वाराणसी का ये स्काई वाॅक वाराणसी कमिश्नरी परिसर में पीपीपी माॅडल पर बनने वाले 18 मंजिला टि्वन टावर की सबसे ऊपरी मंजिल पर बनाया जाएगा। दोनों इमारतों के बीच 100 फीट लंबा काॅरिडोर बनेगा जो पूरी तरह से शीशे का होगा। काशी के धार्मिक महत्व को देखते हुए स्काई वाॅक को भी उसी तर्ज पर बनाया जाएगा। यह दोनों टावरों के बीच डमरू के आकार में होगा, जो आधुनिकता के साथ आस्था का भी एहसास कराएगा।
स्काई वाॅक पूरी तरह से शीशे के बेस पर होगा और 80 मीटर नीचे तक साफ, साफ देखा जा सकेगा। इसपर एक साथ 25 से 30 लोग चल सकेंगे। इसके अलावा इन्हीं इमारतों में शाॅपिंग के लिये माॅल स्टोर्स और खाने पीने के लिये रेस्तरां भी मौजूद होंगे।
बताते चलें शहर भर में फैले सभी सरकारी विभागों को एक छत के नीचे लाने के लिये कमिश्नरी में एक एकीकृत मंडलीय कार्यालय बनाने की योजना है। यह आयुक्त कार्यालय में 6.44 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित है। इसमें 18 मंजिल की दो बिल्डिंगें पीपीपी माॅडल पर बनाई जाएंगी।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल के अनुसार वीडीए ने इसका पूरा डिजाइन तैयार कर लिया है। जुलाई के महीने में डीपीआर भी तैयार हो जाएगा। दो इमारतें बनेंगी, एक इमारत पूरी तरह से सरकारी दफ्तरों के लिये रिजर्व होगी। इसमें कमिश्नरी के 45 विभागों के कार्यालय बनाए जाएंगे। दूसरी बिल्डिंग में शॅपिंग काॅम्पलेक्स से लेकर होटल, रेस्टरा और माॅल सब कुछ होंगे।
यह न सिर्फ उत्तर प्रदेश का पहला स्काईवाॅक होगा, बल्कि जिन दो बिलडिंगों के बीच ये टावर बनाया जाएगा। 18 मंजिली ये इमारतें पूर्वांचल की सबसे ऊंची इमारतें होंगी। इन इमारतों से काशी का एक विहंगम दृष्य देखा जा सकेगा। ये एहसास कुछ ऐसा होगा जैसे हेलिकाॅप्टर से शहर का नजारा ले रहे हों। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ लोकल ईकोनाॅमी को भी फायदा होगा।
बदल रहा है बनारस
काशी इन दिनों बदलाव के दौर से गुजर रही है। एक तरफ भव्य और वृहत काशी विश्वनाथ धाम काॅरिडोर का निर्माण हो रहा है तो दूसरी ओर शहर का दिल कहे जाने वाले गोदौलिया और दशाश्वमेध का पूरा कायाकल्प कर उसे एक नया और क्लासिक लुक दिया गया है। इसके अलावा जापान के सहयोग से नगर निगम के प्रक्षागृह को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के रूप में तब्दील किया गया है। लालपुर में हस्तकला संकुल बनाया गया है। इसी तरह की और योजनाएं है जो आगेे चलकर काशी के विकास की नजीद बनने वाली हैं।
Published on:
30 Jun 2021 09:06 pm
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