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Varanasi Fire : धू-धू कर जल रहा था होटल हरि विलास, आंख के सामने घूम रही थी मौत, पर्यटक ने बताई डर की कहानी

Varanasi Fire : वाराणसी के लक्सा इलाके में स्थित होटल हरि विलास में बीती रात लगी आग ने पूरे होटल को खाक कर दिया। इस दौरान कई पर्यटक भी अंदर दूसरे और निचले तल पर मौजूद थे, जिन्होंने आग की लपटों के रूप में मौत को करीब से देखा।

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Varanasi Fire

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आग की लपटें देखीं तो भगवान् का किया शुक्रिया

विवेक ने बताया कि होटल से बाहर निकलने के बाद जब आग की लपटें देखीं तो दिल सहम गया कि अगर इसमें घिर जाता तो मौत निश्चित थी। अमृत को करीब से देखा है। विवेक ने बताया कि कोई नुकसान तो नहीं हुआ पर मेरी इनोवा गाड़ी का एक शीशा तोड़ा गया है ताकि गाड़ी को हटाया जा सके क्योंकि चाभी ऊपर रूम में ही छूट गयी थी।

Varanasi Fire : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मंगलवार की रात साढ़े 9 बजे के बाद लक्सा इलाके में स्थित एक थ्री स्टार होटल में आग लगने से हड़कंप मच गया। लक्सा के श्रीनगर कालोनी पार्क के पीछे बने होटल हरि विलास के लास्ट फ्लोर पर अचानक शार्ट सर्किट से लगी आग ने होटल को अपने जद में ले लिया। धू-धू कर जल रहे होटल में धुंआ भरा तो अंदर कमरों में मौजूद पर्यटकों की सांसे उखाड़ने लगीं। इसके बाद पूरे होटल में अफरा तफरी मच गयी। इसी अफरा तफरी में अपने लोगों को तलाश रहे थे लखनऊ के विवेक श्रीमाली भी थे, जिन्होंने दो कमरे बुक करवाए थे। ये अपनी पत्नी, मौसी और बच्चे के साथ काशी दर्शन को आये थे। विवेक ने बताया कि धुंए ने बेचैन कर दिया था, शायद मौत को बहुत करीब से देख लिया।

काशी-दर्शन को लखनऊ से आया था श्रीमाली परिवार

विवेक श्रीमाली ने खुद को संभालने के बाद बताया कि वो, पत्नी, मौसी और बेटे के साथ काशी दर्शन को अपनी इनोवा कार से आये थे। होटल हरि विलास में रूम नंबर 2002 और 2009 बुक किया था। 2002 में मै और बेटा और 2009 में पत्नी और मासी थे। मंगलवार की रात खाना खाने के बाद हम सभी अपने रूम में आ गए थे। G+3 की इस बिल्डिंग में रात में करीब साढ़े 9 बजे के बाद आग लग गयी।

पत्नी ने किया फोन तो बाहर भागे

विवेक ने बताया कि 10 बजे के करीब पत्नी का फोन आया कि होटल में आग लग गयी है। खिड़की से झांका तो कुछ दिखाई नहीं दिया। तो हमने अपना पिट्ठू बैग टांगा और बेटे को लेकर बाहर निकला तो पूरे होटल में धुआं भरा हुआ था जिससे हमारा दम घुटने लगा और खांसी आने लगी। उसके बावजूद मैं पत्नी के रूम नंबर 2009 जो पास में ही था। वहां पहुंचा तो पत्नी और मासी नीचे जा चुकी थीं। सीढ़ी के रस्ते बेटे को लेकर नीचे उतरा। यहाँ आने के बाद बेटा ठीक है पर मुझे घबराहट होने लगी थी।