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वाराणसी। एक्सपायर दवाएं खाने से इंसान के जीवन को खतरा हो सकता है। ऐसे में ड्रग विभाग ने इसे डिस्पोज करने का एक नियम बना रखा है। इसके बावजूद अक्सर मेडिकल शॉप चलाने वाले दवाओं को पब्लिक प्लेस में फेक देते हैं। ऐसा ही एक मामला जैतपुरा थानाक्षेत्र के औसानगंज में सामने आया है, जहां एक क्लिनिक और मेडिकल स्टोर संचालक ने हजारों की एक्सपायर दवाई लबे सड़क फेंक दी जिसे कुछ ही देर बाद कूड़ा बीनने वाले ले गए। फिलहाल इस सम्बन्ध में ड्रग इंस्पेक्टर ने सम्बंधित के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही है।
बोरे में मिली एक्सपायरी दवा
जैतपुरा थानक्षेत्र के औसानगंज इलाके में स्थित यादव कटरा में नवजीवन क्लीनिक के बाहर गुरुवार की सुबह बोरों में हजारों की एक्सपायरी दवाएं पड़ी थीं। इस बाबत जानकारी की गयी पता चला कि उक्त दवाएं कुछ देर पहले क्लिनिक के मकान से निकले लोगों ने फेंकी और अंदर चले गए हैं।
कूड़े वालों ने बटोरा
सड़क किनारे पड़ी हजारों की एक्सपायरी दवाओं को कुछ ही मिनट पहुंचे कूड़ा बीनने वालों ने अपनी सुविधा के अनुसार उठाना शुरू किया। उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इस जगह से सड़क पर दो बोरो में मिली है । इसे कबाड़ में ले जाएंगे और बेच देंगे।
क्या कहते हैं नियम
इस सम्बन्ध में सीएमओ डॉ संदीप चौधरी से बात की। डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि ड्रग डिपार्टमेंट अब चिकित्साधिकारी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता पर फिर भी इस मामले में यदि एक्सपायरी दवाएं किसी मेडिकल स्टोर या क्लिनिक पर है तो उसे ड्रग विभाग को सूचना देते हुए गड्ढे खोदकर दफन करें ताकि कोई उसका सेवन कर बीमार न पड़ जाए। यदि उसे सड़क पर फेका जाएगा तो उसपर कानून के हिसाब से कार्रवाई का प्रावधान है।
बोले ड्रग इंस्पेक्टर
ड्रग इंस्पेक्टर एके बंसल ने बताया कि एक्सपायरी दवाओं को नियमतः गड्ढे में दफन करने का नियम है। नियम सभी क्लिनिक, अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों पर लागू है। यदि कोई दवाओं को सड़कों पर या ऐसे जगह पर फेकता है जहां से निरक्षर लोग उसका सेवन कर सकते हैं तो ऐसे में उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। इस मामले में जांच कराई जा रही है। जांच के बाद विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी।
Published on:
30 Mar 2023 01:33 pm
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