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Varanasi News : काशी के जगदीश ने रामचरितमानस को गाकर रचा इतिहास, बन गया विश्व का सबसे लंबा गीत, दर्ज हुआ रिकार्ड

Varanasi News : डॉ जगदीश पिल्लई ने सबसे पहले साल 2012 में गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया था। उस समय उन्होंने सबसे कम समय में एनीमेशन मूवी बनाकर कनाडा के एक व्यक्ति का रिकार्ड तोड़ा था। उसके बाद उन्होंने अभी तक 5 रिकार्ड अपने नाम किए हैं।

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Varanasi News : धर्म की नगरी काशी में धर्म के लिए नित्य नए कार्य होते हैं और वो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है काशी के रिकार्डधारी डॉ जगदीश पिल्लई ने, जगदीश ने श्रीरामचरितमानस को 138 घंटे 41 मिनट 20 सेकेण्ड में गाकर उसे गीत के रूप में संरक्षित कर दिया है। अब पूरा विश्व श्रीरामचरितमानस को गीत के रूप में सुन सकेगा। इसी के साथ डॉ जगदीश पिल्लई का नाम पांचवीं बार गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो गया।

क्या भारत में नहीं बन सकता रिकार्ड

रिकार्डधारी डॉ जगदीश पिल्लई से जब patrika.com ने बात की तो उन्होंने बताया कि साल 2016 की बात रही होगी। रिकार्ड को तोड़ने के लिए हमेशा कुछ न कुछ सर्च करता रहता हूं। इसी क्रम में मैंने रिकार्ड में सबसे लम्बे गाने के रिकार्ड को सर्च करना शुरू किया क्योंकि गाना गाना मेरा पैशन रहा है। उन्होंने बताया कि उस दौरान सबसे लम्बे गाने का रिकार्ड 58 घंटे का था लेकिन वो सिर्फ इंस्ट्रूमेंटल था। इसे देख मेरे दिल में यह बात कौंध गई कि क्या भारत जो संगीत की जननी है वहां ऐसा रिकार्ड नहीं बन सकता।

2019 में शुरू हुआ सफर

डॉ जगदीश ने बताया कि इसपर विचार कर मैंने रामायण, महाभारत और श्रीरामचरितमानस में से किसी एक को संगीत में उतारने की सोची लेकिन भाषा ने मुझे रोका क्योंकि मै केरल का रहने वाला हूं। ऐसे में श्रीरामचरितमानस का चयन कर मैंने संस्कृत के विद्वान प्रदीप मिश्रा जी से संपर्क किया और उनसे कुछ दिन ट्रेनिंग लेने के बाद मैंने श्रीरामचरितमानस को गाने की शक्ल में उतारना शुरू किया।

कोरोना काल में रुक गया रिकार्ड

भारत के मान-सम्मान के लिए बनाए जा रहे इस रिकार्ड पर कोरोना काल में ब्रेक लग गई। डॉ जगदीश ने बताया कि कोरोना काल में डेढ़ साल यह रिकार्डिंग रुकी रही क्योंकि सभी अपने-अपने घरों में बंद थे। बृज इन्क्लेव के उन्नति स्टूडियो के प्रदीप जायसवाल ने इसे एडिट किया है तो ये सभी काम बंद थे पर हमने हिम्मत नहीं हारी।

138 घंटे तक कैसे गाया श्रीरामचरितमानस

डॉ जगदीश पिल्लई ने एक मुख्य बात बताई कि यदि कोई श्रीरामचरित मानस ऐसे पढ़ेगा तो उसे 60 से 70 घंटे लगेंगे। जिस तरह श्रीरामचरित मानस का पाठ करने वाले भी रामचररितमानस की चौपाइयों के बाद आने वाले विश्राम में भजन कीर्तन करते हैं। वैसे ही मैंने भी हर विश्राम में भजन कीर्तन किया है। इसलिए पूरा गीत 138 घंटे 41 मिनट 20 सेकेण्ड में पूरा हुआ है जो की अब गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हो गया है।

बेटों ने किया टेक्नीकल सपोर्ट

patrika.com ने जब डॉ जगदीश पिल्लई से पूछा कि आप का सपोर्ट घर में कैसा रहा तो उन्होंने बताया कि घर मेरे दो बेटे कार्तिक और प्रणव ने 138 घंटे में हमेशा मदद की टेक्नीकल सपोर्ट दोनों बेटों का ही रहा। इनमे से एक प्रणव ने ही पूरे 138 घंटे की रिकार्डिंग की है, जो की काफी महत्वपूर्ण चीज है रिकार्ड बनाने में। पूरी रिकार्डिंग 63 दिन और 295 में घंटे में पूरी हुई जिसे मित्र दीपक जायसवाल ने एडिट किया है।

दुनिया का सबसे लम्बा ऑफिशियल रिलीज्ड सांग का मिला एवार्ड

जगदीश पिल्लई से पहले यह रिकार्ड यूके के रहने वाले मार्क क्रिस्टोफर ली के नाम था जिन्होंने 115 घंटे 45 मिनट गाना गया था। उन्होंने एक वाद्य यंत्र बजाकर यह रिकार्ड बनाया था पर डॉ जगदीश ने खुद से धुन बनाई और इसे गया है। एक साथ दुनिया के 100 ऑडियो प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने के बाद इसे लांगेस्ट ऑफिशियल रिलीज्ड सांग की कैटेगरी में गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड में जगह मिली है।