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Varanasi News : डबल इंजन सरकार में काशी को मिली तारों के मकड़जाल से निजात, शहर में पहुंची विकास की रोशनी

Varanasi News : वाराणसी में आईपीडीएस योजना की शुरुआत दुर्गाकुंड इलाके से हुई थी। दो साल से अधिक उस इलाके में यह कार्य मूर्त रूप लेता रहा। वहां इसके इम्प्लीमेंट के बाद योगी सरकार ने पुराने बनारस में जहां तारों का मकड़जाल था वहां किया जिसका नतीजा अब सबके सामने है।

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वाराणसी में आईपीडीएस योजना के द्वारा तारों के अंडरग्राउंड होने के बाद निखर गया है शहर का स्वरुप

वाराणसी। आईपीडीएस योजना से काशी को तारों के मकड़जाल से लगातार मुक्ति मिल रही है। साल 2014 में प्रधानमंत्री के यहां का सांसद बनते ही केंद्र सरकार ने आईपीडीएस (इंटीग्रेटेड पावर डेवलेपमेंट स्कीम) शुरू की जिससे अभी तक शहर के 2294.91 किलोमीटर तारों को अंडरग्राउंड किया जा चुका है। यह सब कुछ संभव हुआ प्रदेश और केंद्र की डबल इंजन की सरकार के माध्यम से। सरकारी आंकड़ों की मानें तो योगी सरकार ने अपने 6 साल के कार्यकाल में पुरानी काशी को तारों के मकड़जाल से मुक्त कर दिया है।

तारों के जंजाल में फंस गयी थी विकास की रौशनी

साल 2014 से पहले शहर बनारस में तारों का जंजाल हर तरफ फैला दिखाई देता था। शायद यही विकास की रौशनी को शहर में लाने से रोक रही थी। साल 2014 में आई मोदी सरकार ने सबसे पहले इस मकड़जाल से शहर को मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया और शहर में आईपीडीएस योजना की शरुआत की। योगी सरकार ने पिछले 6 वर्षों में इस योजना को और बल दिया जिससे पुरानी काशी में तारों का जंजाल समाप्त सा हो गया है। पुरातन शहर की इमारते तारों के जंजाल के अण्डरग्राउण्ड होने से निखारने लगी है।

रुकी बिजली की चोरी

तारों का जंजाल खत्म होने काशी में बिजली चोरी पर भी काफी हद तक कंट्रोल किया गया है। बेतरतीब कटिया मारकर बिक्ली चोरी करने वाले अण्डरग्राउण्ड व्यवस्था से लाचार हो गए हैं और उन्होंने भी अब कनेक्शन करवा लिए हैं। वहीं खुले तारों से होने वाली दुर्घटनाओं का प्रतिशत भी कम हुआ है।

650 करोड़ की लागत से अभी तक हुआ काम

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम इस कार्य को शहर में करवा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पुरानी काशी और अन्य क्षेत्रों को मिलकर वाराणसी में कुल 2,294.91 किलोमीटर बेतरतीब तारों को अंडरग्राउंड किया गया है। इसकी लागत लगभग 650 करोड़ आई है। यह कार्य आगे भी शहर में तारों को अण्डरग्राउण्ड किया जाएगा।

पुरानी काशी में इतना हुआ काम

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों के अनुसार पुरानी काशी यानी पक्का महाल क्षेत्र में कुल 363 करोड़ की लागत से 1550. 41 किलोमीटर बिजली के तारों को अंडरग्राउंड किया गया है। पूरे वाराणसी के आईपीडीएस के कामों को देखा जाए तो 33 केवी के बिजली के तार को लगभग 125.534 किलोमीटर, 11 केवी के लगभग 479.722 किलोमीटर, एलटी के 1689.654 किलोमीटर तार को आईपीडीएस योजना के तहत अंडर ग्राउंड किया गया है। तारों में फंसी काशी को सुलझाने का काम आईपीडीएस योजना में 2016 में शुरू हुआ तब जाकर 2022 में विकास की रोशनी फैली।

ये हैं साइड इफेक्ट

आईपीडीएस योजना शहर में विकास की धारा बहा रही है पर इसका साइड इफेक्ट बारिश के मौसम में देखने को मिलता है, जब इसके जमीन में लगे बॉक्स में पानी जाने से उसमे करंट आने लगता है और अक्सर मवेशी और इंसान अपनी जान गंवा देते हैं। ऐसे में इन बॉक्स के लिए आईपीडीएस योजना के अधिकारियों को अलग से व्यवस्था करनी होगी।