12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Varanasi News : खबर चलने के बाद बैकफुट पर आया नगर निगम, वापस लिया तुगलकी फरमान, अब सिर्फ इतने रुपए होगी सिक्योरिटी मनी

Varanasi News : नगर निगम के इस फरमान के बाद लोगों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था और दुकानदार सामान के न बिकने की आशंका में परेशान थे। ऐसे में निगम ने इस आदेश को बदल दिया है।

2 min read
Google source verification
Varanasi News

Varanasi News

Varanasi News : गंगा और गंगा तट को प्लास्टिक मुक्त करने की कवायद में जुटे नगर निगम ने 30 जून को दिए अपने आदेश में बदलाव कर दिया है। अब घाट पर प्लास्टिक में बंद सामान लेने पर 5 रुपए सिक्योरिटी मनी जमा करना होगा जबकि इसके पहले जारी आदेश में यह सिक्योरिटी मनी 50 रुपए निर्धारित की गई थी। नगर आयुक्त के अनुसार आम जन और मीडिया से मिले सुझावों को ध्यान में रखते हुए यह परिवर्तन किया गया है।

पहले लगाया 50 रुपए सिक्योरिटी मनी

नगर आयुक्त शिपु गिरी ने 30 जून को जो आदेश दिया था उसके अनुसार घाटों को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए समस्त क्षेत्रीय दूकानदारों, ठेले व अस्थायी दुकानदारों जिनके द्वारा प्लास्टिक के थैले, बोतलों आदि में खाद्य पदार्थ, पेयजल या किसी प्रकार की सामाग्री खरीदी या बेची जाती है तो उसे ग्राहक को देने से पहले 50 रुपए सिक्योरिटी राशि के रूप में जमा करनी होगी। उसके बाद ही वह चाहे 5 रुपए का सामान है या 50 का देने की बात थी।

यह भी पढ़ें : नगर निगम का तुगलकी फरमान, घाट पर खरीदा 5 रुपए का सामान तो जमा करनी होगी 50 रुपए सिक्योरिटी मनी, जानिए क्यों

अब सिर्फ 5 रुपए अतिरिक्त करने होंगे जमा

नगर आयुक्त ने सोमवार को जारी संशोधित आदेश में कहा कि 30 जून को जारी नियमों पर आम जन और मीडिया द्वारा दिए गए सुझावों के क्रम में गंगा घाट और आस-पास के क्षेत्रों में समस्त क्षेत्रीय दूकानदारों, ठेले व अस्थायी दुकानदारों जिनके द्वारा प्लास्टिक के थैले, बोतलों आदि में खाद्य पदार्थ, पेयजल या किसी प्रकार की सामाग्री खरीदी या बेची जाती है तो उसे ग्राहक को देने से पहले मात्र 05 रुपए सिक्योरिटी राशि के रूप में जमा करनी होगी। उसके बाद ही वह चाहे 5 रुपए का सामान है या 50 का उसे दिया जाएगा।

पूर्व निर्धारित शुल्क से पर्यटन पर पड़ता असर

नगर निगम द्वारा 30 जून को जारी तुगलकी फरमान से पर्यटन को काफी नुकसान पहुंचता और पर्यटन उद्योग को धक्का लगता। ऐसे मेंन नगर निगम ने इस नियम को वापस ले लिया है।