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Varanasi News : डॉक्टर बनने का ख्वाब संजोए काशी की बेटी ने आजमाई पार्षदी चुनाव में किस्मत, अब बदलेगी वार्ड की सूरत

Varanasi News : वाराणसी का लोहता इलाका समस्याओं से ग्रसित है। ऐसे में पहली बार नगर निगम में शामिल हुए इस इलाके की 25 वर्षीय युवा पार्षद रिजवाना के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी वार्ड के लोगों ने दी है। जिसे निभाने के लिए रिजवाना ने दिलो-जान से लगने की बात कही है।

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Varanasi News : उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव का शोर थम चुका है। इस चुनाव के कल आए परिणाम में कई धुरंधर चुनावी मैदान में धूल चाटते दिखे तो कई पहली बार में सदन तक पहुंच गए। कुछ अंगूठा तक मिले तो कुछ पढ़े लिखे और अपने बूते से वार्ड और क्षेत्र की सूरत बदलने का माद्दा रखने वाले मिले। इन्ही में से एक हैं वाराणसी में परिसीमन के बाद शामिल हुए वार्ड नंबर 52 लोहता की विजयी पार्षद रिजवाना शाहिदा परवीन, रिजवाना NEET की तैयारी कर रहीं हैं और अचानक से उनकी शादी हुई और फिर पति ने बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी। कैसे रिजवाना ने चुनाव के मैदान में कदम रखा और चुनाव की वैतरणी पार की, सब कुछ इस खास खबर में...

साल भर से पति कर रहा था चुनाव की तैयारी

रिजवाना शाहिदा परवीन के बारे में जानने से पहले हमें उनके पति शाहिद नोमानी के बारे में जानना होगा जो पीएचडी करने की तैयारी में हैं और काशी विद्यापीठ से पढ़ाई कम्प्लीट कर चुके हैं। शाहिद नोमानी ने patrika.com को बताया कि नए परिसीमन में शहर के नगर निगम में हमारा मोहल्ला लोहता वार्ड नंबर 52 के रूप में शामिल हुआ। यह पिछले साल पता चली तो क्षेत्र की समस्यायों को अपना बनाकर काम शुरू किया और लोगों से आशीर्वाद लेता गया।

आरक्षण ने बदली सूरत, हो गई महिला सीट, फिर

शाहिद ने बताया कि तैयारियों के बीच आरक्षण का खेल चला और हमारे वार्ड की सीट महिला कर दी गई। इसपर मैंने घर की महिलाओं से बात की तो वो लोग तैयार नहीं हुए। इसके बाद मैंने पिता से जिद कर रिजवाना को अपनी जीवन संगिनी बना लिया। रिजवाना NEET की तैयारी कर रहीं हैं। यह बात मुझे अच्छी लगी और पिता जब रिश्ता लेकर आए तो मैंने हां कर दिया।

निकाह के बाद वार्ड में शुरू हुआ प्रचार, रिजवाना ने भी संभाली कमान

शाहिद ने बताया कि निकाह के बाद वार्ड में प्रचार शुरू हो गया और नामांकन के दिन रिजवाना ने जब नामांकन किया तो उसके साथ मोहल्ले के सैकड़ों लोग नामांकन कार्यालय पहुंचे थे। सपा की अधिकृत प्रत्याशी रिजवाना ने नामांकन के बाद से स्वयं भी प्रचार मैदान में घर-घर पहुंचकर बुजुर्गों और महिलाओं का आशीर्वाद लिया।

अब विचारधारा बदल रही है

रिजवाना जब मतगणना स्थल पर जीत के बाद अपना प्रमाणपत्र लेने पहुंची तो उनके पति उनके साथ थे, लेकिन मास्क लगाए रिजवाना की खुशी उनके हाव-भाव से झलक रही थी। patrika.com ने बात की तो उन्होंने कहा कि वार्ड के लोगों ने हमें जितवाया है तो उनके हर सुख दुःख में साथ रहूंगी। उनसे जब पूछा गया कि मुस्लिम महिलाओं के पति ही ज्यादातर पार्षदों की भूमिका में नजर आते हैं। पत्नियां सिर्फ सिग्नेचर करती हैं तो रिजवाना ने कहा कि अब विचारधारा बदल रही हैं और मै घर से नहीं बल्कि वार्ड के हर दुःख-दर्द में शामिल होकर क्षेत्र का विकास करूंगी।

कर रहीं हैं NEET की तैयारी

रिजवाना से जब उनके एजुकेशन की बाबत सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि वो NEET की तैयारी कर रहीं हैं। 25 वर्षीय युवा पार्षद रिजवाना शाहिदा परवीन से वार्ड नंबर 52 के लोगों को बड़ी आस हैं। शायद ये भविष्य का डॉक्टर समस्यों के दर्द से छटपटा रहे वार्ड की मरहम-पट्टी कर सके।