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Varanasi News : वाराणसी में स्टूडेंट्स ने ग्राउंड वाटर बचाने का लिया संकल्प

Varanasi News : आंकड़ों की मानें तो भारत का सालाना ग्राउंड वाटर का यूज लगभग 230 घन किलोमीटर है। यह यूज पूरी दुनिया के सालाना यूज के 25 प्रतिशत से भी अधिक है। भारत की लगभग 60 प्रतिशत खेती और लगभग 80 प्रतिशत पेयजल योजनाएं ग्राउंड वाटर पर निर्भर हैं।

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VARANASI NEWS

वाराणसी में स्टूडेंट्स ने ग्राउंड वाटर बचाने का लिया संकल्प

वाराणसी। सरकारें भू-जल दोहन (ग्राउंड वाटर एक्सप्लोटेशन) पर काम कर रही हैं। देश और प्रदेश के सभी शहरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में सामाजिक संस्थाएं भी लोगों को पानी को बचाने के लिए जागरूक कर रही हैं। ऐसे में बनारस की सुबह ए बनारस सामाजिक संस्था ने भू-जल दोहन को रोकने का छात्र-छात्राओं को संकल्प दिलाया। मैदागिन स्थित हरिश्चंद्र बालिका इंटर कालेज में छात्राओं ने भू-जल को बचाने का संकल्प लिया।

गर्मी में पानी के लिए मचता है हाहाकार

हरिश्चंद्र बालिका इंटर कालेज की छात्राओं को सम्बोधित करते हुए सुबह ए बनारस संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल ने कहा कि हमारे देश के कई प्रांतों में भूजल की समाया है। यहां लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लेने जाना पड़ता है। गर्मी बढ़ते साथ ही हमारे क्षेत्र में भी इसका असर दिखाई देता है और कई इलाकों में पानी को लेकर हहाकार मच जाता है।

कहीं हमें भी दर-दर न भटकना पड़े

मुकेश जायसवाल ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए हम सबको एकजुट होना होगा। ऐसे में सबसे पहले हम सभी को पानी की बर्बादी रोकनी होगी और आस-पड़ोस को भी इस बात की जानकारी देनी होगी कि पानी की बर्बादी कितनी खतरनाक हो सकती है। आँखिन ऐसा न हो कि हमें भी पानी के लिए अन्य प्रांतों की तरह दर-दर भटकना पड़े। हमें इस बात को समझना होगा कि पानी जीवन का आधार है।

जल संरक्षण के लिए उठाने होंगे व्यापक कदम

इस दौरान मौजूद शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर अशोक कुमार राय ने कहा कि जल संरक्षण की ओर एक सकारात्मक पहल करना होगा तथा आने वाली पीढ़ी के लिए पानी का संचय करना होगा। जल संरक्षण के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को जल संकट से बचाया जा सकता है। देश के हर व्यक्ति को जल संरक्षण को अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाएं होगा तथा किसी भी स्थिति में शुद्ध पेयजल को बर्बाद नहीं होने देने का संकल्प लेना होगा।

इन नियमों का करें पालन

मुकेश जायसवाल ने बताया कि हम कुछ बातों का ध्यान रखकर पानी को बर्बाद करने से बचा सकते हैं -


1 - कहीं भी पाइप से रिसाव हो तो उसे रोकें या सम्बंधित विभाग को सूचित करें।

2 - घर के टूटे-जोड़ टूटे -पाईप तथा टोटिया जल्द से जल्द ठीक कराएं।

3 - हाथ धोते समय शेविंग के समय कम से कम पानी बर्बाद करें।

4 - पानी के इंतजार में टोटी खुला ना छोड़े।

5 - ओवरहेड टैंकों से पानी ना बहने दे।

6 - कार, छत,फर्श तथा सड़क धोने में पेयजल का प्रयोग ना करें।

7 - सड़क एवं निर्माण कार्यों में जहां पर पेयजल के बिना भी काम चल सकता है वहां पेयजल का प्रयोग ना करें।

8 - नहाते वक्त जरूरत से ज्यादा पानी ना बहाए।

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