वाराणसी. किसी के घर पुलिस पहुंच जाए। तो घरवाले ही नहीं पूरा मोहल्ला सहम जाता है। क्या हो गया कि पुलिस आ गई। क्या अपराध किया है, इन घर वालों ने। रूह कांप उठती है लोगों की खाकी के नाम से। कहीं ये वर्दीधारी गरीबों के दरवाजे पहुंच जाएं तो वो थर-थर कांपने लगते हैं। सांस अंटक जाती है। लेकिन इन सब से दूर अक्सर गरीबों की मदद को आने वाले मड़ुवाडीह थाने के एसओ फरीद अहमद ने फिर एक मिशाल कायम की। दीपावली पर गरीबों, मजलूमों के घर इस दीपावली पर मिठाई पहुंचा कर। बच्चों को पटाखे दे कर। ऐसे पुलिस अफसर को सलाम।