
होलिका संग जले विषाक्त पदार्थ, खतरनाक स्तर पर पहुंचा वायु प्रदूषण
वाराणसी. हां अबकी बार होली पर शहर की आबो हवा बिगड़ गई। लोगों को आश्चर्य हो सकता है, कि वायु प्रदूषण की बात तो दीपावली के वक्त की जाती है। दीपावली से पहले आतिशबाजी न करने की अपील की जाती है। फिर दीपावली के बाद प्रदूषण का आंकड़ा पेश होता है और बताया जाता है कि शहर की आबो हवा खराब हो गई। लेकिन इस बार वाराणसी शहर में वायु प्रदूषण होलिका के बाद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया। यहां तक कि ग्रीन बेल्ट माने जाने वाले बीएचयू की स्थिति बिगड़ी नजर आई।
होलिका दहन के बाद ऑरेंज जोन में पहुंचा शहर
आलम ये कि शुक्रवार को वायु प्रदूषण पीएम 2.5, 300 माइक्रो ग्राम घन मीटर के भी ऊपर चला गया। ये हाल तब है जब मार्च के महीने में बीते शुक्रवार से पहले तक वाराणसी ग्रीन व यलो जोन में था। लेकिन गुरुवार की रात यानी होलिका दहन के बाद वायु प्रदूषण की स्थित अत्यंत खराब हो गई। शहर ऑरेंज जोन में पहुंच गया।
प्लास्टिक, फाइवर जैसे विषाक्त पदार्थ से बढ़ा प्रदूषण
विशेषज्ञों के अनुसार होलिका में लकड़ी और गोबर के उपलों के साथ ही लोगों ने घर का कूड़ा यानी निष्प्रयोज्य सामान भी होलिका में डाल दिया। मसलन प्लास्टिक के सामान, पॉलीथिन की थैलियां, फाइवर वाले सामान भी डाले गए। इसके चलते होलिका में आग लगते ही विषाक्त पदार्थ के महीन कण वायुमंडल में मिल गए जिससे आबो हवा बिगड़ गई।
18 मार्च को विभिन्न क्षेत्रों में वायु प्रदूषण स्तर
क्षेत्र-एक्यूआई- पीएम 2.5-पीएम 10
मलदहिया-196-378-248
भेलूपुर-153-310-195
बीएचयू-215-304-149
अर्दली बाजार-130-305-204
एक मार्च को विभिन्न क्षेत्रों में एक्यूआई
क्षेत्र-एक्यूआई
मलदहिया-79-
भेलूपुर-92
बीएचयू-66
अर्दली बाजार-90
Published on:
20 Mar 2022 02:32 pm
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