पशुपालक बृजमोहन की चार गाय, चमचम की तीन गाय, मुरहू की भैंस मर गई। कुल 26 मवेशियों के मौत की खबर मिलते ही प्रशासनिक व स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया। आननफानन में मृत पशुओं को गड्ढा करके दफना दिया गया और बीमार पशुओं का इलाज शुरू हुआ। वाराणसी के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि एक साथ बड़ी संख्या में पशुओं की मौत का कारण फूड प्वाइजनिंग है। भोजन खराब होने पर लोग उसे फेंक देते हैं। सड़क पर विचरण करने वाले पशुओं के पेट में उक्त विषाक्त भोजन पहुंचता है तो एसिडोसिस होकर पेट फूलने लगता है और उनकी मौत हो जाती है।