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बनारस में स्लाटर हाउस के खून से लाल हो रही वरूणा नदी

नदी में खून के साथ मांस के टुकड़ों से बड़ा रहा प्रदूषण, कठघरे में स्थानीय पुलिस की भूमिका

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Salter house blood

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वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सीएम योगी आदित्यराज के शासन में स्लाटर हाउस में अवैध ढंग से पशुओं की कटाई जारी है। स्थानीय पुलिस की भूमिका से बिना जांच के ही स्लाटर हाउस चल रहे हैं। स्लाटर हाउस से निकलने वाला पानी सीधे वरुणा में गिर रहा है। जानवरों के खून से लाल हो चुके पानी से वरूणा नदी का पानी भी लाल हो रहा है। मांस के टुकड़े भी सीधे नदी में गिर रहे हैं जिससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने के साथ ही गंगा भी प्रदूषित हो रही है।
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यूपी एनजीटी के चेयरमैन व हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस देवी प्रसाद सिंह ने जब इस सच्चाई की वीडियोग्राफी करायी तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जस्टिस देवी प्रसाद सिंह ने खुद मीडिया से कहा कि यहां पर एक घंटे तक खून वाला पानी वरूणा में गिर रहा था जब सुरक्षाकर्मियों के साथ स्लाटर हाउस पहुंचे तो 100 से 150 लोगों ने हमे घेर लिया। सुरक्षाकर्मी के हाथ उनके असलहे तक पहुंच गये थे। पूर्व जस्टिस होने के चलते अधिक दिक्कत नहीं हुई। इसके बाद भी हम लोगों ने स्लाटर हाउस का वीडियो बनाया। जस्टिस देवी प्रसाद सिंह ने कहा कि स्थानीय चौकी इंचार्ज के पास भी इतने अधिकार होते हैं कि वह इस तरह से प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई कर सकता है लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। वरूणा का प्रदूषित पानी गंगा में जाता है, जिससे लोगों में कैंसर, चर्म रोग व विभिन्न प्रकार की बीमारी फैल रही है।
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वरूणा व असि नदी का अतिक्रमण देख कर हुए परेशान
स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े लोगों ने अतिक्रमण करके वरूणा नदी को नाला बना दिया है और असि नदी तो एक तरह से लुप्त हो चुकी है उसके लिए भी अतिक्रमण जिम्मेदार है। एनजीटी के यूपी चेयरमैन ने आश्वासन दिया है कि वरूणा व असि नदी को नया जीवन देने के साथ ही उसके पास इतनी हरियाली होगी कि शहर का प्रदूषण कम होगा। फिलहाल एनजीटी ने स्थानीय प्रशासन को आईना दिखा दिया है अब देखना है कि अधिकारियों पर कितना असर होता है।
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