वाराणसी। शहर बनारस में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां एदो बेटियों ने मां की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार नहीं किया। शव को एक कमरे में बंद रखा और शव के साथ एक साल बिता दिया पर आस-पास के लोगों और रिश्तेदारों को भी भनक नहीं लगने दी। बुधवार को रिश्तेदारों के फ़ोन के बाद पुलिस ने इस घटना से पर्दा उठाया। डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम ने बताया कि धर्मेंद्र कुमार चतुर्वेदी निवासी मिर्जापुर ने लंका पुलिस को सूचना दी कि मदरवां निवासी उसकी रिलेटवी के घर में मौजूद लोग घर नहीं खोल रहे हैं। इसपर पहुंची लंका पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो अंदर दो बेटियां और एक कमरे में उनकी मां का कंकाल मिला है, जिसे फारेंसिक टीम की जांच के बाद कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। लड़कियों ने बताया है कि वो पिछले एक साल से अपनी मां के शव के साथ रह रहीं थीं। वहीं उन्होंने बताया कि पड़ोसियों को दुर्गन्ध तो लगी पर वो ये समझे की गंगा का किनारा है कोई जानवर मरा होगा और किसी से कोई पूछताछ नहीं की। वहीं डीसीपी ने बताया कि दोनों बेटियों की भी तबियत नहीं ठीक है।