
Vindhya expressway: उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी दी है, जिसका निर्माण जुलाई से शुरू होगा। यह नया एक्सप्रेसवे प्रयागराज से सोनभद्र तक फैला होगा, जिसकी लंबाई 320 किलोमीटर होगी और इसे बनाने में 22,400 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पांच जिलों से होकर गुजरते हुए छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने का कार्य करेगा। इस मार्ग को विंध्य एक्सप्रेसवे के नाम से जाना जाएगा और यह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गाजीपुर के बीच बनेगा।
इस परियोजना के साथ-साथ एक और महत्वपूर्ण लिंक एक्सप्रेसवे, विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, भी तैयार होगा। यह परियोजना योगी सरकार द्वारा कुंभ मेले के दौरान घोषित की गई थी और इससे इन क्षेत्रों में परिवहन की सुविधा को बेहतर बनाने के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, गाजीपुर और जौनपुर को लेकर एक नया धार्मिक जोन भी विकसित किया जाएगा, ताकि इन इलाकों में पर्यटकों का आगमन बढ़ सके। इसके लिए सरकार ने पहले ही कदम उठाए हैं और नीति आयोग के अध्यक्ष के साथ हाल ही में इस मुद्दे पर एक बैठक भी आयोजित की गई थी।
कई जिलों के पर्यटन को बढ़ावा
विंध्य एक्सप्रेसवे से वाराणसी और प्रयागराज के बीच पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही वाराणसी-इकोनॉमिक रीजन को भी सीधा लाभ होगा। इसके अलावा, इन जिलों में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित करने की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सके। सरकार का उद्देश्य इन परियोजनाओं के माध्यम से उत्तर प्रदेश में आर्थिक विकास और बेहतर बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है।
सैकड़ों गावों के लिए वरदान
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में सभी जिलों के सैकड़ों गांव लाभान्वित होंगे। ये सभी गांव अब एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद इन गावों के लोगों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा। व्यावसायिक तौर पर कई मायनों में यह लोगों के लिए वरदान साबित होने वाला है।
Published on:
21 Mar 2025 11:25 pm
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