
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अब आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। वैश्विक बाजार में उथल-पुथल के कारण अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले सामान जैसे सिरिंज, ग्लव्स और अन्य सर्जिकल उत्पादों के दाम बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इनकी कीमतें 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं, जिससे इलाज महंगा हो जाएगा।
दरअसल, इन मेडिकल उत्पादों को बनाने में प्लास्टिक और खास तरह के रसायनों का इस्तेमाल होता है, जो कच्चे तेल से जुड़े होते हैं। खाड़ी देशों में तनाव की वजह से इन कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित हुई है। साथ ही, समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ने से शिपिंग और इंश्योरेंस का खर्च भी बढ़ गया है, जिससे कुल लागत बढ़ रही है।
सप्तसागर दवा मंडी, जहां से यूपी और बिहार में हर महीने करीब 50 करोड़ रुपये के सर्जिकल सामान की सप्लाई होती है, वहां के व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल पुराना स्टॉक पुराने दाम पर मिल रहा है। लेकिन नए स्टॉक के आने के बाद कंपनियां कीमतें बढ़ा सकती हैं।
जानकारों के मुताबिक, सिरिंज, आईवी सेट, कैनुला, ग्लव्स और पट्टियों जैसे रोज इस्तेमाल होने वाले सामान महंगे हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, जो सिरिंज अभी 5 से 10 रुपये में मिलती है, उसकी कीमत 2 से 3 रुपये तक बढ़ सकती है। दवा विक्रेता समिति के अनुसार, कच्चे माल की कमी और ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सर्जिकल इंडस्ट्री पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में मरीजों को इलाज के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
Updated on:
28 Mar 2026, 11:15 PM IST
Published on:
28 Mar 2026, 11:15 PM IST
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