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पति की मौत के बाद BSA के पास दस्तावेज संग पहुंची पत्नी, बोली- मैं ही हूं असली

दिसंबर महीने में एक शिक्षक की मौत होने के बाद दो महिलाएं आमने-सामने आ गई हैं। वाराणसी के बीएसए कार्यालय पहुंची महिला ने दावा किया है कि वह शिक्षक की असली पत्नी है और उन्हें उनका हक दिया जाए....

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Pic- social media

वाराणसी: बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक महिला दस्तावेजों संग बीएसए कार्यालय पहुंची और दावा किया कि वह मृत शिक्षक की असली पत्नी है। महिला ने अफसर के सामने हाथ जोड़कर गुहार लगाई है कि इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेज उसके पास है और परिवार का पूरा विवरण भी दस्तावेजों में मौजूद है।

बीएसए कार्यालय पहुंची मिथलेश देवी ने अधिकारियों से कहा कि वह स्वर्गीय रामवृक्ष की असली पत्नी है, जबकि एक महिला खुद को उनकी पत्नी होने का दावा करके विभाग से लाभ लेने की कोशिश कर रही है। मिथलेश देवी ने दस्तावेज और बच्चों संग मृत शिक्षक की तस्वीर दिखाकर बीएसए को आवेदन पत्र सौंपा और न्याय की मांग की है।

पिछले साल शिक्षक की हुई थी मौत

दरअसल, रामवृक्ष चोलापुर क्षेत्र के पलकहा प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। रामवृक्ष की 11 दिसंबर को मृत्यु हो गई। खुद को मृत शिक्षक की पत्नी होने का दावा करने वाली मिथलेश देवी ने बताया कि उनकी मौत के बाद विवाद शुरू हो गया और एक दूसरी महिला खुद को उनकी पत्नी होने का दावा कर रही है। मिथलेश देवी ने बताया कि वह महिला गाजीपुर की रहने वाली है और पहले से ही शादीशुदा है। इसके बावजूद वह विभाग को गुमराह कर सरकारी लाभ लेने की फिराक में है।

महिला ने दस्तावेज बीएसए को सौंपा

मिथलेश देवी ने बताया कि शिक्षक की वास्तविक पत्नी होने का उनके पास सभी प्रमाण मौजूद है। इसके साथ ही सभी दस्तावेजों को उन्होंने बीएसए को सौंप दिया है, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके और उन्हें व उनके परिवार को हक मिल सके। मिथिलेश देवी ने बताया कि दूसरी महिला द्वारा खुद को मृत शिक्षा की पत्नी बताए जाने को लेकर वह अवसाद से गुजर रही है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्या बोले बीएसए

मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए अनुराग श्रीवास्तव ने कहा है कि विभाग पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गया है। किसी भी तरह से कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से पीड़ित परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने महिला से कहा है कि आवेदन को संबंधित फाइलों में संलग्न करके जमा करें। उन्होंने कहा कि विभाग पूरे मामले की जांच करके जो सत्यता होगी उसे सामने लेकर आएगा और वास्तविक परिवार को इसका लाभ दिया जाएगा।