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Western Disturbance: जाड़े में बारिश करवाने वाला ये पश्चिम विक्षोभ आखिर क्या है? कोई तूफान या बला, जानिए सब कुछ

Western Disturbance: भारत के उत्तरी क्षेत्र में हर साल ठंड में बारिश, बर्फबारी और कभी-कभी हिमस्खलन का कारण पश्चिमी विक्षोभ बनता है। हम अक्सर ये नाम खबरों में सुनते हैं पर ये पश्चिमी विक्षोभ या वेस्टर्न डिस्टर्बन्स आखिर क्या बला है ? जानिए इस खास रिपोर्ट में...

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After all what is Western Disturbance which causes rain in winter

आखिर क्या है पश्चिमी विक्षोभ, जो करवाता है जाड़े में बारिश

Western Disturbance: अरब सगरा में बना नया पश्चिमी विक्षोभ लगातार तेज हो रहा है जिससे उत्तर भारत में ठंड बढ़ने और हल्की से तेज बारिश की संभावना जताई जा रही है। IMD इस मामले को लगातार अपडेट कर रहा है, पर सभी के दिमाग में एक बात कौंध रही है कि जाड़ा आया और मीडिया में एक शब्द रिपोर्ट होने लगा जिसका नाम यही वेस्टर्न डिस्टर्बन्स, आखिर ये क्या बला है, जो जाड़े में अचानक से आती है और जम्मू-कश्मीर से लेकर बांग्लादेश तक मौसम में परिवर्तन कर चली जाती है। इन सब सवालों का जवाब आज हम इस खास रिपोर्ट में करेंगे।

क्या है पश्चिमी विक्षोभ?

सर्दियों के शुरू होते ही मीडिया में रिपोर्ट होने लगा कि पश्चिमी विक्षोभ बदलेगा मौसम का मिजाज, होगी बरसात। ये पश्चिमी विक्षोभ है क्या? बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि 'पश्चिमी विक्षोभ या वेस्टर्न डिस्टर्बन्स भूमध्यसागरीय (Mediterranean) क्षेत्र में उत्पन्न होने वाला एक तूफान है। उन्होंने बताया कि यह तूफान Mediterranean एरिया से पूरब दिशा की ओर तकरीबन 12 मीटर प्रति सेकेण्ड के हिसाब से ट्रेवेल करता है। यह तूफान भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) काला सागर (Black Sea) और कैस्पियन सागर (Caspian Sea) से नमी लेते हुए भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिम भागों में अचानक सर्दियों में बारिश का मौसम लेकर आता है। इसे ही पश्चिमी विक्षोभ कहते हैं।'

क्यों कहते हैं इसे पश्चिमी विक्षोभ ?

मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि ‘अशांत हवाएं कम दबाव वाले क्षेत्र में होती हैं और भारत के संबंध में चूंकि‍ ये पश्चिम दिशा से आती हैं, इसलिए इसका नाम पश्चिमी विक्षोभ है। भमध्यसागरिय क्षेत्र से चलने वाली ये हवाएं अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत की ओर अधिक ऊंचाई और तेज हवाओं के साथ यात्रा करती हैं जो पृथ्वी की सतह के ऊपर पश्चिम से पूरब दि‍शा की ओर बहती हैं। इससे होने वाली बरसात मानसून की बरसात से अलग होती है। यह एक गैर-मानसून वर्षा पैटर्न है और यह पछुआ हवाओं द्वारा संचालित होता है। सर्दियों के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ काफी मजबूत होते हैं।’

पश्चिमी विक्षोभ यूक्रेन से क्या है रिश्ता?

पश्चिय विक्षोभ का यूक्रेन से सीधा संबंध है। भूमध्यसागरीय क्षेत्र में उत्पन्न होने वाला यह तूफ़ान यूक्रेन और आस-पास एक उच्च दबाव का क्षेत्र समेकित (consolidate) बनता है। .इसके परिणामस्वरूप घ्रुवीय क्षेत्रों से ठंडी हवा का प्रवेश उच्च नमी और गर्म हवा वाले क्षेत्र की ओर होता है। यह ऊपरी वायुमंडल में साइक्लोजेनेसिस (cyclogenesis) के लिए अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण करता है, जिससे पूर्व की ओर बढ़ने वाले अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय अवसाद (extra-tropical depression) का निर्माण होता है। इसके बाद यह विक्षोभ भारतीय उपमहाद्वीप की ओर यात्रा करता है, जब तक कि हिमालय इसे रोक नहीं देता। परि‍णाम स्‍वरूप सर्दि‍यों में बारि‍श और हि‍मपात होते हैं। कभी-कभी वे उत्तरी पहाड़ी राज्यों जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर पूर्वी राज्यों की ओर बढ़ता है, जबकि अन्य समय में वे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार होते हुए दक्षिण की ओर बढ़ता है।

कभी फायदा तो कभी नुकसान कराता है Western Disturbance

Western Disturbance की अगर बात करें तो यह कभी फायदेमंद तो कभी नुकसानदायक साबित होता है। मौसम के हसाब से तो यह हमेशा नुकसानदायक होता है पर असमय वर्षा से खासकर रबी की फसलों के लिए बड़ा फायदा होता है, जिसमें गेंहू की फसल भी शामिल है पर यह बारिश कम हो तब। वहीं कभी -कभी पहाड़ीक्षेत्रों में यह पश्चिमी विक्षोभ हिमस्खलन, बाढ़, फ्लैश फ्लड, धुल भरी आंधी का कारण भी बनते हैं और इसीसे शीतलहर भी बढ़ती है। इसके अलावा यदि अत्याधिक बारिश हुई तो किसानों को बहुत नुकसान होता है।