
काशी में हजार की संख्या में महिलाओं ने किया शिव तांडव पाठ
वाराणसी. भगवान शिव की नगरी वाराणसी के अस्सी घाट पर अद्भुत नजारा देखने को मिला। शिवरात्रि से पहले काशी में 14 राज्यों की महिलाओं ने हजारों की संख्या में एक साथ शिव तांडव स्त्रोत गाया। केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली जैसे राज्यों से काशी पहुंची महिलाएं हाथ में जलता हुआ दीया लेकर एक साथ खड़ी रहीं। इस दौरान उन्होंने कोरोना से बचाव के लिए मास्क का भी इस्तेमाल किया था। सभी के हाथों में जलता हुआ दीया और उसकी रोशनी से चमकते एक ही रंग से काशी का कोना कोना शिवमय हो गया। खास बात यह रही कि शिव की भक्ति में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने एक साथ एक आवाज में शिव तांडव स्त्रोत का गायन किया।
हर-हर महादेव से गूंजी काशी
हर-हर महादेव की गूंज और बाबा की स्तुति में शिव तांडव का यह अद्भुत और अनोखा आयोजन काशी के लिए भी किसी अनूठे उत्सव से कम नहीं था। शिव तांडव स्त्रोत के पाठ के साथ ही घाटों पर गंगा आरती का भी आयोजन शुरू हुआ। जान्हवी तट पर दीयों की रोशनी से गंगा तट को सजाया गया। जैसे-जैसे शाम होने लगी आयोजन में शामिल होने के लिए लोगों की भी घाट पर भीड़ जुटने लगी। यह महिलाएं मुंबई स्थित एक संस्था के द्वारा काशी पहुंची थीं।
नारायणी अवार्ड से किया गया सम्मानित
पैक्ट एडुकेयर फाउंडेशन की ओर से महिला दिवस के अवसर पर मैदागिन स्थित पराड़कर भवन में विभिन्न क्षेत्र की महिलाओं को नारायणी अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसमें मिली पांडेय, रश्मि सिंह, प्रीती गुप्ता, शालिनी गोस्वामी, प्रतिमा तिवारी, सविता मिश्रा सहित 20 महिलाओं का सम्मान हुआ। मुख्य अतिथि कत्थक डांसर डॉ. ममता टंडन, इंदु गुप्ता रहे। कार्यक्रम में मनोज झा, ज्योति झा, रूबी गुप्ता, अदिति गुप्ता, पार्थ सिंह आदि मौजूद रहे।
Published on:
09 Mar 2021 04:32 pm
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