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लैंगिक भेदभाव और यौन उत्पीड़न के खिलाफ वाराणसी में महिलाओं ने बुलंद की आवाज, निकाली रैली

महिलाओं ने इस दौरान राजातालाब तहसील के उपजिलाधिकारी को 14 सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा।

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Varanasi News

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश में शराब बंदी, लैंगिक भेदभाव, यौन उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के विरोध में राजातालाब तहसील पर ग्रामीण महिलाओं ने प्रदर्शन किया। रैली की शक्ल में महिला चेतना समिति, लोक समिति, दिहाड़ी मजदूर संगठन और आशा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महा सम्मेलन कार्यक्रम में आराजी लाइन और सेवापुरी ब्लाक के करीब 70 गांव से महिलाएं पहुंची थीं।


प्रदेश में शराब बंदी को लेकर भरी हुंकार

बुधवार की सुबह 10 बजे के बाद जब हजारों महिलाएं राजातालाब तहसील मुख्यालय पहुंचना शुरू हुईं, तो हर खास-ओ-आम मुख्यालय की तरफ चल पड़ा। महिलाएं शराब बंदी, घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव को खत्म करने और यौन उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठा रहीं थी। यहां महिलाएं रैली की शक्ल में पहुंची तो नेशनल हाइवे पर यातायात रुक गया।


राजातालाब बाजार में निकाली रैली

हजारों महिलाएं राजातालाब बाजार में निकलीं तो जनता भी उनके साथ हो ली। बिलकिस बाणों और हाथरस की बेटी को न्याय की आवाज भी बुलंद हुई। इस दौरान डाका बंगले पर महिला महासम्मेलन का आयोजान भी किया गया।


महिलाओं को अपने अधिकार के प्रति होना होगा सजग

इस महासम्मेलन में बोलते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकार के प्रति सजग होना होगा। समाज में बराबरी के लिये उनकी राजनीतिक भागीदारी जरुरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिला हिंसा को लेकर कठोर कदम उठा रही है। कसी भी हाल में महिला हिंसा में शामिल लोगों को माफ़ नहीं किया जा रहा है।


पूरे प्रदेश में हो शराब बंदी

महिला चेतना समिति कि निदेशिका रंजू सिंह ने इस मौके पर कहा कि गांव शहर में लड़कियों और महिलाओं के साथ हिंसा छेड़खानी,व बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। हमे अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं अपनी हाथ में लेनी होगी। साथ ही गांव के ज्यादातर लोग शराब में डूब चुके है और इसका खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है महिलाओं के उपर होने वाली घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, बलात्कार, मारपीट आदि की सबसे बड़ी जिम्मेदार शराब है। शराब को पूरे प्रदेश में बन्द कर देनी चाहिए।