वाराणसी। पूरे देश में साल के एक दिन गौरैया की चर्चा होती है। शहरों से विलुप्त हो गयी इस नाजुक चिड़िया को साल में एक दिन नहीं 356 दिन याद करते हैं काशी के नवनीत पांडेय अतुल। नवनीत ने अपने घर में ही गौरैया कालोनी विकसित कर रखी है। गौरैया के संरक्षण के लिए नवनीत व्यग्र फाउंडेशन नामक एक संस्था भी बना रखी है जो लोगों को गौरैया संरक्षण के लिए जागरूक करती है। ये लोगों को उनके जन्मदिन और शादी की वर्षगांठ पर गौरैया का घर गिफ्ट करते हैं।