रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके भारतीय पहलवान नरसिंह यादव के डोपिंग मामले में फंसने के बाद उनके गांव वाराणसी के चोलापुर ब्लाक के नीमा गांव के लोगों में आक्रोश है। नीमा के लोगों सड़क पर उतर कर धरना प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं। ऐलान किया है कि वह देर शाम तक अगजरा में नरसिंह के परिवार के साथ धरना देंगे।
नरसिंह के पत्र के बाद गांव वाले आए आगे, कहा वह बेकसूर है
डोपिंग विवाद में फंसने के बाद पहलवान नरसिंह ने जो पत्र भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण को लिखा है, जिसमें उन्होंने खुद को डोपिंग में फंसाए जाने की साजिश का उल्लेख किया है। उन्होंने इस साजिश में तीन लोगों के शामिल होने का जिक्र किया है।
कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने पीएमओ को भेजा नरसिंह का पत्र
बताया जा रहा है कि कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने नरसिंह के पत्र को पीएमओ तक भेज दिया है। इतना ही नहीं पीएमओ ने वह पत्र पीएम तक पहुंचा दिया है। पीएम ने भी इसे गंभीरता से लिया है।
नरसिंह को न्याय दिलाने को गांव वाले लामबंद
नरसिंह यादव को न्याय दिलाने के लिए एकजुट हुए गांव के लोग। चोलापुर ब्लॉक के अजगरा में शाम 3:00 बजे परिवार संग देंगे ग्रामीण धरना। निष्पक्ष जांच की मांग को उठी आवाज। चोलापुर के नीमा गांव के रहने वाले हैं नरसिंह यादव। रियो ओलंपिक खेल में ना जा पाने का ग्रामीणों में को है मलाल।