मोबाइल का ऐसे करते हैं प्रयोग तो हो जायेगा सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, चिकित्सक ने खोजी अचूक दवा

मोबाइल का ऐसे करते हैं प्रयोग तो हो जायेगा सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, चिकित्सक ने खोजी अचूक दवा
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Devesh Singh | Updated: 14 Jun 2019, 12:51:59 PM (IST) Varanasi, Varanasi, Uttar Pradesh, India

जानकारी के आभाव में लोग हो रहे बीमार, आयुर्वेद में है बीमारी का इलाज

वाराणसी. मोबाइल का ऐसे प्रयोग कर रहे हैं तो आप सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस का शिकार हो सकते हैं। जानकारी के आभाव में लोग तेजी से इस बीमारी का शिकार होते जा रहे हैं अभी तक असंतुलित जीवनशैली को बीमारी के लिए जिम्मेदार माना जाता था लेकिन अब कहानी बदल चुकी है। अब मोबाइल के चलते लोग सबसे अधिक लोग सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस से पीडि़त हो रहे हैं। एक बार बीमारी हो जाती है तो उसका ठीक होना बेहद कठिन हो जाता है। बीमारी का सबसे अच्छा इलाज योग को माना जाता है लेकिन अब आयुर्वेद से भी बीमारी का सफल इलाज किया जाता है।


Wrong Mobile use
IMAGE CREDIT: Patrika

लोगों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण भाग मोबाइल बन गया है। मोबाइल बिना अब जीवन की कल्पला नहीं की जा सकती है। मोबाइल जिंदगी को जितना आसान बनाता है उतना अधिक परेशान कर सकता है। गर्दन झुका कर मोबाइल का प्रयोग करने से लोग तेजी से सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस से पीडि़त हो रहे हैं। वाहन चलाते समय एक तरफ सिर झुका कर मोबाइल से बात करने से भी यह बीमारी होती है जबकि दूसरा बड़ा कारण गर्दन झुका कर मोबाइल का देर तक उपयोग करना है। नीचे दिये गये चित्र से आप समझ सकते हैं कि किस तरह मोबाइल का प्रयोग कर हम स्वस्थ्य रह सकते हैं।आयुर्वेद चिकित्सक डा. श्याम सुन्दर पांडेय का कहना है कि लोगों में जागरूकता आ जाये तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। आयुर्वेद चिकित्सक ने बीमारी के लक्षण व इलाज की भी जानकारी दी।

Dr. Shayam Sunder Pandey
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बीमारी का लक्षण:-
गर्दन में लगातार दर्द होना, गले में जकडऩ, सिर दर्द, गर्दन के पिछले हिस्से से शुरू होकर नीचे तक दर्द होना, सो कर उठते समय चक्कर आना, उल्टी होना लक्षण दिखयी दे तो आपको सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस हो सकता है तुरंत ही चिकित्सक से भेंट कर बीमारी का इलाज करना चाहिए।
इन कारणों से भी होता है सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस
भोजन में कैल्शियम व विटामिन डी की कमी के चलते हड्डियां कमजोर हो जाताी है, फै्रक्चर या हड्डी में चोट लगना, शारीरिक श्रम का आभाव, गलत ढंग से बैठना व उठना, लम्बे समय तक वाहन चलाना व अनुवांशिक कारण भी सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के लिए जिम्मेदार होता है।
सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस का घरेलु इलाज
आयुर्वेद में सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस को वातज व्याधि माना जाता है। बीमारी के इलाज के लिए शामक द्रव्यों का प्रयोग उत्तम होता है। इस बीमारी में लहसुन व अजवाइन का प्रयोग उत्तम माना जाता है। इसके अतिरिक्त चिकित्सक से सलाह लेकर निर्गुण्डी, रास्ना, एरण्ड बूल, बला, अश्वगंधा का चूर्ण या क्वाथ ले सकते हैं।


आयुर्वेद में ऐसे होता है सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस का इलाज
आयुर्वेद चिकित्सक डा.श्याम सुन्दर पांडेय ने बीमारी के इलाज पर शोध किया है और इलाज का तरीका बताया है। उन्होंने कहा कि बीमारी के इलाज के लिए अस्थि संधि को पोषण देने वाले द्रव्यों का उपयोग किया जाता है। डा. श्याम सुन्दर पांडेय ने अपनी नयी दवा का नाम रास्नाकल्प है। इस दवा को पेटेंट कराने के लिए भेजा गया है। डा.पांडेय के अनुसार मधुमेह रोगियों को सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस हो जाता है तो उन्हें ठीक होने में समय लगता है नहीं तो रास्नाकल्प दवा का परिणाम तीन हफ्त में दिखने लगता है और तीन से छह माह में रोगी पूर्ण रुप से ठीक हो जाता है।

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